क्या हैं Mutual Funds के फायदे और नुकसान ?

आज के दौर में सब अपने निवेश को लेकर सजग हैं। सभी व्यक्ति किसी न किसी माध्यम से निवेश कर एक अच्छी वेल्थ बनाना चाहते हैं और यह करना सही भी है। Mutual funds आज के दौर में सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है पर क्या आपको पता है म्यूच्यूअल फंड के फायदे और नुकसान क्या है। ( Advantages and Disadvantages of Mutual funds).

किसी भी माध्यम से इन्वेस्ट करने से पहले यह जान लेना अति आवश्यक है कि उस investment के क्या फायदे और क्या नुकसान हैं? तो आइए जानते हैं क्या है Mutual Funds के फायदे और नुकसान – Advantages and Disadvantages of Mutual Funds

म्यूच्यूअल फंड के फायदे ( Advantages of Mutual Funds)

Mutual Funds के फायदे (Advantages of Mutual funds) हम निम्न पॉइंट्स के माध्यम से समझेंगे-

1. प्रोफेशनल मैनेजमेंट की सुविधा

जब भी आप mutual fund खरीदते हो तो आपकी राशि में से कुछ पैसा Expenses Ratio के रूप में काट लिया जाता है। इसी पैसे से आपके पोर्टफोलियो को मैनेज करने के लिए कुछ हिस्सा पेशेवर फंड मैनेजर को दिया जाता है। यहां फंड मैनेजर अपने ज्ञान एवं अनुभव से कम जोखिम पर ज्यादा रिटर्न प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

आपको मालूम है कि expenses ratio बहुत कम होता है। इस प्रकार बहुत कम खर्च में आप प्रोफेशनल की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। Mutual funds में कम खर्चे का कारण है कि बहुत से व्यक्ति मिलकर एक फंड में निवेश करते हैं जिससे उस फंड को मैनेज करने का खर्चा सभी व्यक्तियों में विभाजित हो जाता है।

2. कम पूंजी से भी निवेश का विकल्प

अगर आपको सीधे स्टॉक मार्केट में निवेश करना है तो आपको अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी। परंतु आप बहुत कम पैसे से mutual funds में निवेश करके मार्केट के रिटर्न का फायदा उठा सकते हैं।

म्यूच्यूअल फंड का यह सबसे बड़ा फायदा है कि आप ₹500 या 1000 रुपए से भी SIP की शुरुआत कर सकते हैं। अगर आपको lump sump करना है तो भी आप आपके बजट के अनुसार ₹1000 से 5000 से करवा सकते हैं। इसमें आपको बहुत सारी रकम की आवश्यकता नहीं होती। इसमे आपको निवेश करने के लिए इंतजार नहीं करना होगा कि जब आपकी इनकम ज्यादा होगी तब आप निवेश करेंगे।

3. लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक

Mutual funds के जरिए हम व्यवस्थित (systematic) तरीके से निवेश कर के अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। जैसे कि आप कार खरीदने के लिए, घर खरीदने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर पोर्टफोलियो का निर्माण कर सकते हैं। मार्केट में हजारों स्कीम उपलब्ध है उनमें से आप अपने निवेश की जरूरत एवं लक्ष्यों के अनुसार निवेश कर सकते हैं।

4. अच्छा रिटर्न और पॉवर ऑफ़ कम्पाउंडिंग

म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करने का सबसे बड़ा फ़ायदा हैं की आपको म्यूच्यूअल फंड्स में अन्य निवेशों के मुकाबले ज्यादा और आकर्षक रिटर्न्स मिलते हैं।

यहाँ आपको पॉवर ऑफ़ कम्पाउंडिंग भी देखने को मिलती हैं। जितने लम्बे समय के लिए आप अपना इन्वेस्टमेंट होल्ड करोगे आपके रिटर्न उतनी तेजी से बढ़ेंगे।

5. विभिन्न प्रकार की योजनाओं में निवेश की सुविधा

जैसा कि हम जानते हैं कि म्यूच्यूअल फंड में अनेक प्रकार की कैटेगरी होती है उनमें से हम अपनी रिस्क प्रोफाइल के अनुसार कोई भी स्कीम का चुनाव कर सकते हैं।

म्यूच्यूअल फंड्स में इक्विटी, डेट, हाइब्रिड आदि तरह की स्कीम में से चुनाव के विकल्प उपलब्ध हैं। मान लीजिए आपको रिस्क के साथ अच्छे रिटर्न प्राप्त करने हैं तो आप इक्विटी फंड के साथ जा सकते हैं। ऐसे निवेशक जिन्हें बहुत कम रिस्क चाहिए वह debt funds का चुनाव कर सकते है।

6. निवेश में विविधता (Diversified Investment)

Mutual funds एक और बड़ा फायदा होता है कि यह आपके पैसे को अलग-अलग सेक्टर में निवेश करते हैं जिससे आपके निवेश में विविधता बनी रहती है।

इसका एक और बड़ा फायदा यह है कि मान लीजिए किसी सेक्टर जैसे बैंकिंग या ऑटो सेक्टर में किसी कारणवश मंदी आ जाती है तो भी इससे संपूर्ण पोर्टफोलियो पर अधिक फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि निवेश अन्य कई sectors में भी किया गया है।

7. निवेश करने में आसान

कई निवेश ऑप्शन ऐसे होते हैं जिनमें निवेश करने की प्रक्रिया बहुत जटिल होती है। परंतु mutual funds में ऐसा नहीं है। आप इसमें स्वयं ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी की वेबसाइट या किसी एजेंट के माध्यम से आसानी से निवेश कर सकते हैं।

आजकल कई ऐसे प्लेटफार्म लॉन्च हो चुके हैं जिनके माध्यम से आप एक जगह से अनेक mutual fund हाउस से स्कीम खरीद सकते हैं जैसे की groww app, Kuvera app, Cams आदि।

इतना ही नहीं आप अपनी म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम की ग्रोथ, रिटर्न आदि की तुलना एवं ट्रैकिंग भी आसानी से कर सकते हैं। ऑनलाइन निवेश ने म्यूचुअल फंड को और आसान बना दिया है।

8. निवेश करने की कम लागत

निवेश करने के लिए आपको मात्र expenses ratio के रूप में फीस चुकानी होती है जो कि बहुत कम होती है।

9. म्यूच्यूअल फंड से समय की बचत

अगर आप सीधे स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं तो आपको लगातार मार्केट के उतार-चढ़ाव को मॉनिटर करना होता है। साथ ही रिसर्च एवं analysis करने के लिए आपको समय निकालना पड़ेगा लेकिन mutual funds में ऐसा नहीं है। बस आपको निवेश करके निश्चित हो जाना है अगर आप 6 महीने या 1 वर्ष के पश्चात भी पोर्टफोलियो को review करेंगे तब भी काम चल जाएगा।

10. सुरक्षित निवेश

दोस्तों mutual funds की नियामक (regulator) संस्था सेबी (SEBI) है जो इन पर कड़ा नियंत्रण रखता है एवं नियमों का पालन करने हेतु बाध्य करता है। जैसे सभी बैंको का रेगुलेटर आरबीआई होता है वैसे ही म्यूच्यूअल फंड्स का भी रेगुलेटर सेबी होता है।

SEBI एक सरकारी संस्थान है जो Mutual fund Houses को अपने अधीन पंजीकृत करता है। इसलिए आपका निवेश म्यूच्यूअल फंड में शत-प्रतिशत सुरक्षित रहता है।

11. पैसा निकालने में आसानी/ तरलता (Liquidity)

कई बार ऐसा होता है कि हम निवेश तो कर देते हैं परंतु कुछ कारण से हमें पैसे की बीच मे ही जरूरत पड़ जाती है और निवेश किया हुआ पैसा निकालने की आवश्यकता पड़ती है।

कहीं निवेश विकल्पों में लॉक इन अवधि रहती है जिसके कारण हम उनमें से पैसा बिना लॉक इन अवधि के समाप्त हुए नहीं निकाल पाते हैं। हालांकि अधिकतर mutual funds में निवेशित पैसे में ऐसी कोई समस्या नहीं है। हम जब चाहे अपना पैसा निकाल सकते हैं। Withdrawal request की तारीख से अमूमन 2 से 3 दिन के भीतर पैसा आपके अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है। लिक्विडिटी का फायदा mutual fund स्कीम्स को और आकर्षक बनाता है।

Advantage of mutual funds, Meaning and benefits of mutual funds

Mutual Funds के नुकसान (Disadvantages of Mutual Funds)

प्रत्येक निवेश विकल्प में कुछ फायदों के साथ कुछ नुकसान भी होते है। Mutual Funds में निवेश करने के भी कुछ नुकसान है। Mutual funds के नुकसान (Disadvantages of Mutual funds) हम निम्न पॉइंट्स के माध्यम से समझने का प्रयास करेंगे।

1. रिटर्न की अनिश्चितता

बाजार में मौजूद कई इन्वेस्टमेंट ऑप्शन आपको एक निश्चित रिटर्न ऑफर करते हैं। परंतु mutual funds में ऐसा नहीं है। Mutual Funds का मुनाफा सीधा स्टॉक मार्केट से जुड़ा हुआ है जहां हमेशा उतार-चढ़ाव लगा रहता है। स्टॉक मार्केट हमेशा अपने साथ रिस्क की अनिश्चितता लेकर चलता है। इसी वजह से म्यूच्यूअल फंड्स का मुनाफा भी लगातार ऊपर – नीचे होता रहता हैं।

अगर आप mutual funds से कम समय में अच्छा मुनाफा कमाने का प्रयास कर रहे हैं तो शायद आप इसमें असफल हो जाओ। अगर यही निवेश आप धैर्य के साथ लंबे समय तक बना कर रखते हो तो आपको निश्चित तौर पर बड़ा मुनाफा होगा।

2. Mutual Fund की लागत

Mutual fund को संभालने के लिए हमारे निवेश में से कुछ पैसा expenses ratios के रूप में फंड हाउस को चला जाता है। यह खर्चा हमें थोड़े समय के लिए कम लगेगा परंतु लंबे समय में यह बहुत अधिक हो जाता है। इसलिए आप जब भी किसी mutual fund स्कीम में निवेश करने के लिए जाएं उससे पहले उसके खर्चों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी प्राप्त कर लें।

अगर आप अपने म्यूच्यूअल फण्ड इन्वेस्टमेंट को एक वर्ष के भीतर वापस निकालते हैं तो आपको रिटर्न का 1% Exist Load भी देना होता हैं।

3. लॉक-इन-अवधि

वैसे लगभग सभी म्यूच्यूअल फंड में लॉक इन अवधि नहीं होती। परंतु क्लोज एंडेड स्कीम्स और ELSS स्कीम में लॉक इन पीरियड होता है। अतः आपको इन स्कीम में उन्ही पैसो को निवेश करना चाहिए जिन की आवश्यकता आपको उस लॉक इन पीरियड तक ना पड़े। अन्यथा आपको पैसों की आवश्यकता पड़ने पर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

4. Mutual Fund रिटर्न पर टैक्स

आपके म्यूच्यूअल फंड के रिटर्न पर भी टैक्स लगता है जिससे आपका मुनाफा कुछ प्रतिशत से घट जाता है। 12 महीने से कम अवधि के लिए STCG टैक्स (Short term capital gain) और 12 या अधिक महीनों के लिए आपको LTCG टैक्स (Long term capital gain) देना होता है।

निष्कर्ष

दोस्तों निवेश करना बहुत अच्छी आदत है और यह है अगर समझदारी से की जाए तो आपको ये बहुत बढ़िया मुनाफा दे सकती है। अगर आप mutual funds में समझदारी से निवेश करते हैं तो यकीन मानिए आप लंबे समय में अवश्य अच्छा-खासा रिटर्न कमा लेंगे। Mutual funds में निवेश करके अमीर बना जा सकता है परंतु कम समय में नहीं।

ये भी पढ़े- Mutual funds के प्रकार (Types of Mutual Funds)

तो दोस्तों आपको इस पोस्ट के माध्यम से mutual funds के फायदे और नुकसान पता चले होंगे। अगर आपके कोई मन मे कोई भी सवाल हो तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते।

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