IPO ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) क्या होता हैं?

IPO के द्वारा स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने से पहले कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में ट्रेड होते हैं। इस ट्रेडिंग के आधार पर ही IPO GMP निकलता हैं

GMP में ग्रे शब्द अनऑफिशियल होता हैं। यानि की GMP वैध मार्केट नहीं हैं। प्राइमरी और सेकेंडरी मार्केट दोनों सेबी द्वारा रेगुलेटेड हैं जबकि ग्रे मार्केट नहीं

किसी भी IPO की GMP कभी भी स्थिर नहीं रहती

ग्रे मार्केट में स्टॉक की मांग ही उसकी GMP तय करती हैं

किसी भी आईपीओ की पॉजिटिव ग्रे मार्केट प्रीमियम के साथ-साथ नेगेटिव GMP भी हो सकती हैं

ग्रे मार्केट के सौदे पर टैक्स भी देना होता हैं। इन सौदों में वास्तविक प्रॉफिट पर 15% की दर से STCG टैक्स देना होता हैं

आईपीओ लिस्टिंग पर आपको GMP जितना मूल्य मिले उसकी भी कोई गारंटी नहीं हैं

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आपको अपने IPO को ग्रे मार्किट में बेचने के लिए किसी लोकल ब्रोकर से संपर्क करना पड़ेगा