Index Fund क्या हैं – इसके फायदे और नुकसान

म्यूच्यूअल फंड आज के समय में निवेश के लिहाज़ से बहुत लोकप्रिय हो चुका हैं। एक म्यूच्यूअल फंड निवेशक होने के नाते आपको म्यूच्यूअल फंड के सभी प्रकारों की जानकारी होनी चाहिए। जिससे आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बेस्ट विकल्प चुन सकें।

म्यूच्यूअल फंड के इन्हीं प्रकारों में से एक इंडेक्स फंड। इंडेक्स फण्ड मिस्टर वारेन बफेट का भी पसंदीदा निवेश विकल्प हैं। इक्विटी म्यूच्यूअल फंड्स में रिस्क हमेशा बना रहता हैं। इसलिए निवेशक हमेशा अलग-अलग प्रकार के फंड्स में निवेश करके अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने का प्रयास करते हैं। पोर्टफोलियो डायवर्सिफाई होने से रिस्क की मात्रा भी कम होती हैं।

आज हम इंडेक्स फंड के बारे में विस्तार से बात करेंगे। जिसमें शामिल होगा Index Fund क्या हैं (Index Fund meaning), इंडेक्स फण्ड कैसे काम करता हैं और इंडेक्स फण्ड के बारे में सम्पूर्ण जानकारी। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप तय कर पाएंगे की आपको इंडेक्स फण्ड लेना हैं या नहीं।

इंडेक्स फण्ड क्या हैं (What is Index Fund in Hindi)

इंडेक्स क्या होता हैं?

इंडेक्स फंड क्या हैं, जानने से पहले इंडेक्स को जाना आवश्यक हैं। एक इंडेक्स किसी स्टॉक या एसेट के ग्रुप की परफॉर्मेंस को मापने का एक इंडिकेटर होता हैं। एक इंडेक्स कई अलग-अलग सेक्टर्स के बेस्ट स्टॉक से मिलकर बना होता हैं।

निवेशकों के द्वारा इंडेक्स को एक बेंचमार्क की तरह प्रयोग किया जाता हैं। भारतीय स्टॉक मार्केट में निफ्टी और सेंसेक्स दो मुख्य इंडेक्स हैं। जैसे निफ़्टी मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर देश की सबसे बड़ी 50 कंपनियों से मिलकर बना हैं।

Index Fund क्या हैं?

जैसा कि इंडेक्स फंड के नाम से ही पता चलता हैं, ये म्यूच्यूअल फंड ऐसे स्टॉक्स में निवेश करते हैं जो कि किसी विशेष इंडेक्स के हैं जैसे कि निफ्टी, सेंसेक्स, बैंक निफ़्टी आदि। इंडेक्स फंड उसके फंड मैनेजर द्वारा असक्रिय रूप से (passively) मैनेज किए जाते हैं। इसका अर्थ हैं की फंड मैनेजर केवल उन्हीं स्टॉक्स में निवेश करते हैं जो कि उस इंडेक्स में होते हैं जिसे वह फण्ड फॉलो करता हैं।

जिस अनुपात में इंडेक्स में स्टॉक होते हैं फंड मैनेजर उसी अनुपात में निवेश करता हैं। जैसे की अगर निफ़्टी में HDFC का हिस्सा 10% हैं तो फण्ड मैनेजर फण्ड का कुल 10% हिस्सा HDFC में निवेश करेगा। इस प्रकार फण्ड मैनेजर स्टॉक संरचना में कोई विशेष बदलाव नहीं करता।

इंडेक्स फण्ड ट्रैक किए जाने वाले इंडेक्स फंड के समान ही रिटर्न देते हैं। इंडेक्स फंड किसी इंडेक्स को या बेंचमार्क को आउटपरफॉर्म करने का प्रयास नहीं करते। इस प्रकार ये निवेशक को बैलेंस पोर्टफोलियो के साथ रिस्क मैनेज करने में सहायता करते हैं।

इंडेक्स फण्ड कैसे काम करते हैं (How Index Fund works)

जैसा की इंडेक्स फंड बिल्कुल उसके इंडेक्स के समान ही होते हैं। आप इंडेक्स म्यूच्यूअल फंड को उसके द्वारा ट्रैक किए जाने वाले इंडेक्स फंड का छोटा रूप भी समझ सकते हैं। उदाहरण के लिए यदि कोई निफ़्टी 50 का इंडेक्स फंड हैं तो ये इंडेक्स म्यूच्यूअल फंड भी निफ़्टी के जैसे 50 स्टॉक से मिलकर बना होगा।

Passively मैनेज होने के कारण फंड मैनेजर इंडेक्स के अनुसार स्टॉक खरीदता और बेचता हैं। अगर इंडेक्स ने एक वर्ष में 10% का रिटर्न दिया हैं तो उसका इंडेक्स फण्ड भी लगभग 10% का ही रिटर्न आपको देगा।

इंडेक्स फंड में रिसर्च और एनालिसिस करने के लिए कोई बड़ी टीम नहीं होती हैं। वही बात की जाए एक्टिव फंड्स की तो उनमें एक पूर्ण समर्थित टीम होती हैं। एक्टिव फंड के फंड मैनेजर निरंतर उसके बेंचमार्क को बीट करने के लिए प्रयासरत रहते हैं।

इंडेक्स फंड में किसे निवेश करना चाहिए?

इंडेक्स फंड क्या हैं की जानकारी के बाद अगला सवाल आता हैं की क्या आपको भी इंडेक्स फंड में निवेश करना चाहिए? इसका उत्तर जानने के लिए मैं आपसे एक सवाल पूछता हूं –

एक इंडेक्स फंड हैं जिसने पिछले 5 वर्ष में 12% का रिटर्न दिया हैं (एक्टिव फंड की तुलना में कम रिस्की). वही एक एक्टिव म्यूच्यूअल फण्ड जिसने पिछले 5 वर्ष में 14% का रिटर्न दिया हैं (इंडेक्स फण्ड की तुलना में ज्यादा रिस्की).

अब आप इन दोनों फण्ड में से किसे चुनेंगे? अगर आप थोड़ी कम रिस्क के साथ थोड़ा रिटर्न से समझौता कर सकते हैं तो इंडेक्स फण्ड में निवेश कर सकते हैं। अन्यथा आप एक्टिव फण्ड चुन सकते हैं। चलिए इसे विस्तार से समझते हैं।

जैसा की इंडेक्स फण्ड मार्केट इंडेक्स को फॉलो करते हैं, उनके रिटर्न्स भी उस इंडेक्स के लगभग बराबर ही होते हैं। इसीलिए ऐसे निवेशक जो इंडेक्स के समान ही रिटर्न चाहते हैं वो भी बिना एक्टिव फण्ड की रिस्क वे इंडेक्स फण्ड में निवेश कर सकते हैं। इस प्रकार इन फंड्स में निवेश करना हैं या नहीं पूर्णतया आपके रिस्क लेने की क्षमता और आपके निवेश लक्ष्यों पर निर्भर करता हैं।

उदाहरण के लिए आपको इक्विटी के रिटर्ंस का फायदा उठाना हैं परंतु एक्टिव फंड की रिस्क भी नहीं लेनी हैं तो आप किसी इंडेक्स फंड में निवेश कर सकते हैं जो आपको इक्विटी में अच्छे रिटर्न बनाकर दे सकते हैं।

एक्टिव फंड्स में फंड मैनेजर द्वारा फंड कंपोजिशन निरंतर बदला जाता हैं जिससे रिस्क की मात्रा ज्यादा रहती हैं। अगर आप ऐसे निवेशक हैं जो कि मार्केट रिटर्न से ज्यादा रिटर्न प्राप्त करना चाहते हैं और ज्यादा रिस्क उठाने को तैयार हैं तो आप एक्टिव फंड में निवेश कर सकते हैं। परंतु इसमें आपको निवेश अवधि न्यूनतम 5 से 7 वर्ष तो रखनी होगी जिससे आपको इच्छित रिटर्न मिल सकें।

वैकल्पिक तौर पर अगर आपने कुछ म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश किया और आप अपने पोर्टफोलियो को विविधता (diversification) प्रदान करने के लिए भी इंडेक्स फण्ड में निवेश कर सकते हैं। ऐसे निवेशक जो म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं परन्तु अपने लिए एक्टिव फण्ड ढूंढने में असमर्थ हैं तो वे अपने निवेश की शुरुआत इंडेक्स फंड से कर सकते हैं।

इंडेक्स फण्ड के चार्जेज

अगर आपको इंडेक्स फण्ड में निवेश करना हैं तो आपको इसे शुरू करने के लिए कुछ भी शुल्क नहीं देना होता हैं। परन्तु इंडेक्स फण्ड में Exist load अवश्य होता हैं। Exist load यानि की अगर आप अपने Index Fund Investment को निवेश की तारीख से एक वर्ष के भीतर बेचते हैं तो आपको Exist load देना होता हैं। ये सामान्यतः 1% होता हैं।

अगर बात की जाये एक्सपेंस रेश्यो की तो इंडेक्स फण्ड passively मैनेज किये जाते हैं जिसकी वजह से इनमें एक्सपेंस रेश्यो काफी कम होता हैं।

इंडेक्स फण्ड के फायदे (Index Fund Pros)

  1. ये आपके पोर्टफोलिओ को विविधता प्रदान करता हैं।
  2. एक्टिव फण्ड के मुकाबले इंडेक्स फण्ड में कम एक्सपेंस रेश्यो होता हैं जिससे लम्बे समय में रिटर्न्स बहुत बड़ा अंतर हो जाता हैं।
  3. लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए सम्पति निर्माण में सहायक।
  4. एक्टिव फण्ड की अपेक्षा कम रिस्क।
  5. इंडेक्स फण्ड में निवेश करने से आपको पोर्टफोलियो में किसी ख़राब स्टॉक को लेकर चिंता करने की जरुरत नहीं हैं क्योंकि इंडेक्स अपने आप स्लो परफॉर्मिंग स्टॉक को इंडेक्स से बाहर कर देता हैं।
  6. फण्ड मैनेजर की योग्यता का कोई विशेष लेना-देना नहीं।
  7. समय-समय पर इंडेक्स फण्ड को रिव्यु करने की आवश्यकता नहीं।

इंडेक्स फण्ड के नुकसान (Index Fund Cons)

  1. बाजार के उतार-चढ़ाव या मार्केट क्रैश में इंडेक्स फण्ड अधिक संवेनदशील (risky) होते हैं।
  2. इंडेक्स फण्ड पोर्टफोलियो में लचीलेपन (flexibility) की कमी।
  3. फण्ड मैनेजर स्वयं अपनी तरफ से कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं करता।
  4. लिमिटेड रिटर्न्स।

वैश्विक तौर पर अभी के समय देखा गया हैं की कई फण्ड मैनेजर अपने बेंचमार्क को बीट कर पाने में भी सक्षम नहीं हो पा रहे हैं। इसलिए इस अनिश्चता भरे मार्केट में इंडेक्स फण्ड एक बेस्ट विकल्प के रूप में सामने निकल कर आता हैं।

इंडेक्स फण्ड में निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

इंडेक्स फण्ड म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करते समय आपको कुछ बातों क ध्यान रखना होता हैं। अगर आप इन बातों का ध्यान रखेंगे तो आपके गलती करने की गुंजाइश कम होगी।

1. रिटर्न – इंडेक्स फण्ड उससे सम्बंधित इंडेक्स की परफॉरमेंस को ही ट्रैक करते हैं। इसलिए इन फण्डस का उद्देश्य किसी बेंचमार्क को बीट करना नहीं होता हैं। बल्कि ये इंडेक्स के समान ही रिटर्न देते हैं।

अगर आप ऐसे निवेशक हैं जो ज्यादा रिस्क के साथ ज्यादा रिटर्न चाहते हैं तो आपको एक्टिव फण्ड में निवेश कर सकते हैं। आपको एक्स्ट्राऑर्डिनरी रिटर्न की आशा में इंडेक्स फण्ड में निवेश नहीं करना चाहिए।

2. रिस्क – इंडेक्स के शेयर्स में निवेश करने के कारण इंडेक्स फण्ड में भी इक्विटी रिस्क होती हैं। मार्केट के बुल रन का फायदा उठाने के लिए इंडेक्स फण्ड बेस्ट विकल्प होते हैं।

अगर आप बिलकुल जोखिम नहीं लेना चाहते तो आपको इंडेक्स फण्ड में निवेश नहीं करना चाहिए।

3. एक्सपेंस रेश्यो – इंडेक्स फंड्स में फण्ड मैनेजर को स्वयं अपनी तरफ से स्टॉक पीकिंग के लिए कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं करने होते हैं। इसी वजह से इंडेक्स फण्ड में एक्सपेंस रेश्यो कम होता हैं। इसलिए इंडेक्स फण्ड में आपको निवेश करते समय ध्यान देना चाहिए कही फण्ड हाउस आपसे ज्यादा एक्सपेंस रेश्यो तो चार्ज नहीं कर रहा हैं।

एक्सपेंस रेश्यो वह शुल्क होता हैं जो फण्ड हाउस द्वारा आपके फण्ड को मैनेज करने एवज में लिया जाता हैं।

4. निवेश की अवधि – स्टॉक मार्केट में निवेश कैसा प्रदर्शन करेगा निवेश की अवधि पर बहुत अधिक निर्भर करता हैं। इंडेक्स शॉर्ट टर्म में बहुत अधिक वोलेटाइल हो सकता हैं जो इसे अधिक रिस्की बनाते हैं। परन्तु लम्बी अवधि में आप एवरेज रिटर्न आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

इसलिए अगर आप न्यूनतम 5 वर्ष के लिए निवेश कर सके तभी आपको इंडेक्स फण्ड में निवेश करना चाहिए।

5. वित्तीय लक्ष्य – किसी भी नए निवेश को करने से पहले आपको अपने वित्तीय लक्ष्यो के बारे में पता होना चाहिए। अगर आपका उद्देश्य वेल्थ बनाना हैं वो भी कम रिस्क के साथ या आप रिटायरमेंट प्लानिंग कर रहे हैं तो आप इंडेक्स फण्ड में निवेश कर सकते हैं।

अगर आप अपने निवेश को विविधता प्रदान करना चाहते हैं तो भी आप इंडेक्स फण्ड की ओर जा सकते हैं।

इंडेक्स फण्ड के प्रकार (Types of Index Funds)

अगर आप इंडेक्स फण्ड में निवेश करने के इच्छुक हैं तो आपको कई प्रकार के इंडेक्स फण्ड मिल जायेंगे।

1. Broad Market Index Fund – इस प्रकार का इंडेक्स कई अलग-अलग सेक्टर के शेयर्स से मिलकर बना होता हैं। इसमें आपको विभिन्न प्रकार के स्टॉक्स की वैरायटी प्राप्त हो जाती हैं। इस प्रकार के इंडेक्स फंड्स में एक्सपेंस रेश्यो कम होता हैं।

2. International Index Fund – इस प्रकार के इंडेक्स फण्ड किसी भौगोलिक सीमा में नहीं बंधे होते। इन इंडेक्स फंड्स में निवेश करके आप अपने पोर्टफोलियो को विदेशी फंड्स का एक्सपोज़र दे सकते हैं।

3. Bond Based Index Fund – इस प्रकार के इंडेक्स फण्ड में निवेश करके आप शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म के पोर्टफोलियो का कॉम्बिनेशन रख सकते हैं।

इंडेक्स फण्ड में निवेश कैसे करें (How to invest in Index Funds) 

इंडेक्स फंड में आप SIP या लम सम दोनों विकल्पों के द्वारा निवेश कर सकते हैं। इंडेक्स फंड में आप ऑनलाइन, ऑफलाइन या किसी एजेंट के माध्यम से निवेश कर सकते हैं।

ऑनलाइन तरीके में आपको जो भी इंडेक्स फंड पसंद हैं, उसकी ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर आप इंडेक्स फंड खरीद सकते हैं। जैसे की  आपको ICICI Prudential Sensex इंडेक्स फण्ड में निवेश करना हैं तो आप ICICI फण्ड हाउस की वेबसाइट पर जाकर इंडेक्स फंड खरीद सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप ग्रो, कुवेरा, ET मनी आदि मोबाइल एप्स के द्वारा भी इन्वेस्ट कर सकते हैं।

ऑफलाइन तरीके में आप म्यूच्यूअल फंड ऑफिस जाकर इन्वेस्ट कर सकते हैं। परन्तु अगर आप किसी छोटी जगह से हैं तो शायद आपको अपनी पसंदीदा AMC का ऑफिस आपके शहर में ना मिले। ऐसा होने पर आप किसी एजेंट के माध्यम से निवेश कर सकते हैं।

परन्तु, मेरी सलाह आप से यही हैं की आपको हमेशा म्यूच्यूअल फण्ड डायरेक्ट प्लान में ही निवेश करना चाहिए। 

इंडेक्स फण्ड पर कितना टैक्स लगता हैं?

सभी म्यूच्यूअल फंड की भांति इंडेक्स फंड में भी आपको अपने लाभ पर कुछ टैक्स देना होता हैं।

डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स जब भी फंड हाउस आपको डिविडेंड का भुगतान करता हैं तो वह 10% TDS काटकर आपको भुगतान करता हैं।

अगर आप इक्विटी इंडेक्स फण्ड को एक वर्ष से पहले बेच देते हैं तो आपको 15% की दर से STCG टैक्स देना होता हैं।

वही अगर आप इक्विटी इंडेक्स फण्ड को एक वर्ष के बाद बेचते हैं तो आपको 10% की दर से LTCG टैक्स देना होगा। यहां ये बात ध्यान देने योग्य हैं की LTCG टैक्स आपको एक लाख से अधिक कैपिटल गेन पर ही देना होता हैं।

निष्कर्ष – Index Fund meaning

अगर निष्कर्ष में बात की जाए तो इंडेक्स फंड ऐसे म्युचुअल फंड होते हैं जो कि अपना पैसा किसी इंडेक्स के स्टॉक्स में ही लगाते हैं। अगर आप अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करना चाहते हैं या इक्विटी एक्टिव फंड्स के मुकाबले कम रिस्क लेना चाहते हैं तो आप निश्चित तौर पर इंडेक्स फंड में निवेश कर सकते हैं।

दोस्तों Index Fund क्या हैं, के बारे में ये जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो आप इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और अगर आपके कोई सवाल हो तो आप मुझे कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते हैं।

  1. इंडेक्स फण्ड क्या हैं?

    इंडेक्स फण्ड वो म्यूच्यूअल फण्ड होते हैं जो किसी विशेष इंडेक्स के स्टॉक्स में ही निवेश करते हैं। इंडेक्स फण्ड का पोर्टफोलियो उसी प्रकार का होता हैं जैसा उस इंडेक्स का होता हैं जिसे वो फॉलो करता हैं।

  2. क्या इंडेक्स फण्ड में SIP कर सकते हैं?

    जी हां, आप इंडेक्स फण्ड में SIP भी कर सकते हैं।

  3. इंडेक्स फण्ड में कैसे इन्वेस्ट करें?

    इंडेक्स फण्ड में आप फण्ड हाउस की ऑफिसियल वेबसाइट या किसी एप्प के माध्यम से निवेश कर सकते हैं।

  4. इंडेक्स फण्ड कितना रिटर्न देते हैं?

    इनका रिटर्न कोई निश्चित नहीं होता हैं। लंबी अवधि में ये आपको 10 से 12% के रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं।

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