Atal Pension Yojana की संपूर्ण जानकारी

भारत सरकार द्वारा समय-समय पर कई सरकारी योजनाएं लाई जाती है। उनमें से एक योजना है अटल पेंशन योजना । अटल पेंशन योजना भारत सरकार की स्वालंबन योजना का नया रूप है। अटल पेंशन योजना जून 2015 में पूरे देश में प्रारम्भ कर दी गई थी।

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अटल पेंशन योजना के उद्देश्य – Atal Pension Yojna in Hindi

सरकार का मकसद इस स्कीम द्वारा ऐसे लोगों को पेंशन देना है जो असंगठित क्षेत्रों (unorganized sector) में काम करते हैं जैसे कि मजदूर, ड्राइवर, माली आदि। इस योजना में pension की भारत सरकार की संपूर्ण गारंटी है। अगर आप भी अपने बुढ़ापे के लिए इनकम की तलाश कर रहे हैं तो आपके लिए अटल पेंशन योजना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। 

तो आप यह जानने को उत्सुक जरूर होंगे की अटल पेंशन योजना क्या हैं और इससे पेंशन कैसे प्राप्त करें?

अटल पेंशन योजना की पूरी जानकारी – What is Atal Pension Yojana in Hindi

अटल पेंशन योजना में आपको 60 वर्ष की उम्र तक पैसा जमा कराना होता है। उसके बाद 60 वर्ष की उम्र होने पर, जैसा भी आपने विकल्प चुना हैं, ₹1000, 2000, 3000, 4000, 5000 की पेंशन प्रति माह प्राप्त होती है। पेंशन की राशि कितनी होगी यह आपके द्वारा किए गए अंशदान (contribution) पर निर्भर करता है। इस पेंशन को प्राप्त करने के लिए एक अटल पेंशन योजना अकाउंट खुलवा कर उसमें प्रति माह कुछ राशि जमा करवानी होती है। 

इस योजना में आपको न्यूनतम 20 वर्ष एवं अधिकतम 42 वर्ष योगदान करना होता हैं। अगर आप 18 वर्ष की आयु में अकाउंट खुलवा लेते है तो आपको 42 वर्ष योगदान करना होगा। वही अगर आप 40 वर्ष की आयु में account खुलवाते है तो आपको 20 वर्ष contribution करना होगा। लेकिन आपकी मासिक जमा राशि दूसरी स्थिति में ज्यादा होगी। आपको कितनी पेंशन प्राप्त करने के लिए कितना योगदान करना होगा उसके बारे में हम आगे विस्तार से चर्चा करेंगे। 

Atal Pension Yojana में अकाउंट कौन खुलवा सकता है?

Atal Pension Yojana Eligibility

कोई भी व्यक्ति जो निम्न योग्यताएं रखता है अटल पेंशन योजना में अकाउंट खुलवा सकता है –

  • वह भारत का नागरिक हो
  • उसकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए 
  • आधार से लिंक एक बैंक अकाउंट होना चाहिए
  • उसके पास एक वैद्य मोबाइल नंबर होना चाहिए

Atal pension yojana age limit – अकाउंट खुलवाने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष से कम होनी चाहिए।

यहां यह बात ध्यान देने योग्य है कि यह स्कीम स्वालंबन योजना के स्थान पर लागू की गई थी जो पहले से स्वालंबन योजना में है, वे स्वतः ही इस पेंशन योजना में सम्मिलित हो जाएंगे। 

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मुख्य बिंदु- Atal Pension Yojana Details 

  • एक व्यक्ति का मात्र एक अटल पेंशन अकाउंट हो सकता हैं।  
  • अटल पेंशन योजना को PFRAD द्वारा रेगुलेट किया जाता है जो NPS को भी रेगुलेट करती हैं। 
  • सरकार आपको अपनी जमा पूंजी पर न्यूनतम guaranteed पेंशन तो देगी ही साथ में अगर सरकार ने जहां आपका पैसा निवेश किया है। वहां अच्छे रिटर्न मिलेंगे तो पेंशन की राशि अधिक भी हो सकती है। 
  • अभी तक ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया है कि जिसके पास NPS अकाउंट है या PPF अकाउंट है तो वह अटल पेंशन योजना अकाउंट नहीं खोल सकता। कोई भी व्यक्ति अटल पेंशन योजना अकाउंट खोलकर निवेश कर सकता है। 
  • प्रत्येक ग्राहक को योजना में शामिल होने के बाद एक पावती पर्ची (acknowledgment receipt) दी जाएगी। इसमें आपकी गारंटीकृत पेंशन राशि, क़िस्त की नियत देय तारीख, PRAN आदि की जानकारी दे रखी होगी। 
  • अटल पेंशन योजना में सरकार का योगदान मात्र उन ग्राहकों के लिए उपलब्ध है जो 31 मार्च 2016 तक इस योजना में शामिल हो चुके हैं। इसका मतलब हुआ कि जो इस कट ऑफ डेट के बाद इस योजना में शामिल हो रहे हैं, उनके अकाउंट में सरकार कोई भी अपनी तरफ से योगदान नहीं करेगी। 

अटल पेंशन योजना में अकाउंट कैसे खोलें

अटल पेंशन योजना में आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से अकाउंट खोल सकते हैं। ऑफलाइन तरीके में आप सीधे किसी बैंक की शाखा में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अकाउंट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। Atal Pension Yojana form आप यहां से डाउनलोड कर सकते हैं। – Atal Pension Yojana form

Atal Pension Yojana online तरीके में आजकल कुछ बड़े बैंक ऑनलाइन भी इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से अकाउंट ओपन करने की सुविधा प्रदान करते हैं। जैसे की ICICI Bank, SBI Bank.

ENPS की वेबसाइट से आधार कार्ड द्वारा अकाउंट खोलने की सुविधा वर्तमान में बंद हैं।

फॉर्म भरते वक्त आपको नॉमिनी (nominee) की जानकारी देनी होती है। अकाउंट खुलवाने वाले व्यक्ति का spouse (husband/wife) स्वतः ही उसका नॉमिनी होगा।  

atal pension yojana benefits

अटल पेंशन योजना में पैसे जमा कैसे कराएं

How to invest in Atal Pension Yojna Account

इस योजना में पैसे जमा करवाने के लिए आपको कुछ नहीं करना होता है। जो भी आपका देय अंशदान होगा वह अपने-आप ही भुगतान की तारीख पर आपके बैंक अकाउंट से ऑटो डेबिट हो जाएगा। इसके लिए आपको अपने बैंक अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस रखना होगा। आपके पास यह विकल्प मौजूद है कि आप अपना अंशदान मासिक, त्रैमासिक या अर्धवार्षिक जमा करवा सकते हैं। 

आपके payment या ऑटो डेबिट की जानकारी आपको अपने मोबाइल नंबर पर प्राप्त हो जाएगी। 

अंशदान (contribution) जमा नहीं करने पर क्या होगा ? 

कई बार ऐसा हो सकता है कि आपके बैंक अकाउंट में अंशदान ऑटो डेबिट के लिए पर्याप्त पैसे ना हो और आप की किस्त डिफॉल्ट हो जाए। ऐसी स्थिति में जब भी आपकी अगली किस्त कटेगी उसके साथ आपकी पुरानी बक़ाया राशि भी कट जाएगी। परंतु यहां आपको कुछ पेनल्टी भी लगेगी जो ₹1 से ₹10 हो सकती है। 

Penalty on API –  

  • 100 रुपये तक की राशि –  ₹1.00 प्रति महीना 
  • 101 – 500 रुपये तक की राशि –  ₹2.00 प्रति महीना
  • 501 – 1000 रुपये तक की राशि – ₹5.00 प्रति महीना
  • 1000 से अधिक – ₹10.00 प्रति महीना

Contribution स्टॉप करने पर क्या होगा ?

Situation  Action on Atal Pension Yojana
अगर 6 महीने तक कोई अंशदान जमा नहीं किया अकाउंट फ्रीज हो जाएगा
12 महीने तक कोई अंशदान नहीं किया  अकाउंट deactivate हो जाएगा
24 महीने तक कोई अंशदान नहीं किया  अकाउंट बंद कर दिया जाएगा

Atal Pension Yojana Chart

निम्न Atal pension yojana chart  की सहायता से आप समझ सकते हैं की आप को न्यूनतम पेंशन प्राप्त करने के लिए कितना निवेश करना होगा। यहाँ निवेश के तीन विकल्प मौजूद हैं – मासिक, त्रेमासिक और छमाही। आपको जैसा भी उचित लगे आप चुन सकते हैं।  

Atal pension yojana chart को Atal pension yojana calculator भी कहा जा सकता हैं। 

atal pension yojna chart

अटल पेंशन योजना प्रीमियम चार्ट में आप देख पा रहे हैं की आयु के साथ-साथ आपके अंशदान की राशि भी लगातार बढ़ती जा रही है। इसलिए आपके लिए ये बेहतर होगा की आप इस पेंशन योजना में जितनी जल्दी हो सके पंजीकरण करवा ले। 

इस Chart को में कुछ उदाहरणों की सहायता से समझाने का प्रयास करता हूँ-

अगर आपने 18 वर्ष की उम्र में ₹1000 की मासिक पेंशन पाने के लिए निवेश चालू किया हैं। इसके लिए अगर आप हर महीने पैसे जमा करना चाहते हैं तो प्रतिमाह ₹42 , अगर तिमाही के आधार पर जमा करना चाहते हैं तो ₹125 और छमाही के आधार पर ₹248 जमा करवाने होंगे। 

वहीं अगर आप ₹5000 की पेंशन प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको ₹210 महीना कंट्रीब्यूशन करना पड़ेगा। (18 वर्ष की आयु में) अगर आपने 18 वर्ष की आयु में निवेश प्रारम्भ किया है तो आपको 60 वर्ष तक निरंतर अपना अंशदान जमा करना होगा। 

वहीं अगर आप 39 वर्ष की उम्र में निवेश प्रारंभ करते हैं तो आपको ₹1000 की पेंशन पाने के लिए 21 वर्ष के लिए ₹264 प्रति महीना जमा करना होगा। अगर आपको ₹5000 की पेंशन पानी है तो आपको 1318 रुपए मासिक राशि आपके अकाउंट में जमा करनी पड़ेगी। 

अगर अकाउंट होल्डर की मृत्यु हो जाती है तो ऐसी स्थिति में नॉमिनी को मिलने वाली एकमुश्त राशि (संचित निधि) भी इस चार्ट के अंदर दी गई है। जैसे कि अगर ₹1,000 की पेंशन के लिए ₹ 1.7 लाख की एकमुश्त नॉमिनी को दे दी जाएगी। वही ₹5,000 के लिए ₹ 8.5 लाख प्राप्त होंगे।  

क्या अंशदान की राशि घटाई-बढ़ाई जा सकती हैं ?

निश्चित तौर पर आप अपने contribution की राशि को घटा-बढ़ा सकते हैं। पहले मात्र अप्रैल महीने में कंट्रीब्यूशन में बदलाव किया जा सकता था। परंतु अब नए नियमों के अनुसार आप कभी भी अपना कंट्रीब्यूशन अमाउंट बदल सकते हैं।  बशर्ते कंट्रीब्यूशन में बदलाव एक वर्ष में मात्र एक ही बार किया जा सकता है।

अटल पेंशन कंट्रीब्यूशन चेंज करने का फॉर्म आप यहां से डाउनलोड कर सकते हैं – Click Here

यह फॉर्म आपको भरकर आपके हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान के साथ आपकी बैंक की शाखा में जमा करवाना होता हैं। 

अगर आप अपना अंशदान बढ़ा रहे हो तो आपको नए एवं पुराने कंट्रीब्यूशन का अंतर 8% के ब्याज सहित जो monthly compounded होगा, चुकाना होगा। वहीं अगर आप अंशदान घटाना चाहते हैं तो आपको अतरिक्त अंशदान ब्याज सहित वापस लौटा दिया जाएगा। 

पेंशन का भुगतान – Atal Pension yojana maturity Benefits

60 वर्ष की आयु होने पर अकाउंट होल्डर को बैंक में पेंशन चालू करवाने के लिए आवेदन करना होगा। 60 वर्ष होने के बाद जो भी मासिक पेंशन बनती है, वह आपको मिलना प्रारंभ हो जाएगी।

अगर अकाउंट होल्डर की मृत्यु हो जाती है तो पेंशन उसके spouse (husband/wife) को मिलना प्रारंभ हो जाएगी। अगर दोनों की मृत्यु हो जाए तो एक मुश्त राशि नॉमिनी को लौटा दी जाती है।

यदि निवेशक की 60 वर्ष की उम्र से पूर्व ही उसके जीवनसाथी की मृत्यु हो जाती है और साथ में निवेशक की भी 60 वर्ष के उपरांत मृत्यु हो जाए तो ऐसी स्थिति में संपूर्ण एकमुश्त राशि नॉमिनी को दे दी जाती है। 

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अगर अकाउंट होल्डर की मृत्यु 60 वर्ष से पहले हो जाए

अगर किसी भी Atal Pension Yojana scheme अकाउंट होल्डर की मृत्यु 60 वर्ष से पहले हो जाती है। इस स्थिति में अकाउंट होल्डर के spouse को विकल्प दिया जाता है कि वह अपने जीवनसाथी के अकाउंट में कंट्रीब्यूशन जारी रखना चाहते है या नहीं।

चलिए इसे एक उदाहरण की सहायता से समझते हैं –  XYZ का अटल पेंशन योजना में अकाउंट है और उसकी मृत्यु 54 वर्ष की उम्र में हो जाती है। यहां ABC जो कि XYZ की पत्नी है, जिसकी वर्तमान आयु 50 वर्ष है। उसके पास विकल्प होगा कि वह पति की उम्र के बाकी 6 वर्ष के लिए योगदान करें। ऐसी स्थिति में ABC को जीवन पर्यंत पेंशन मिलेगी। अगर उसकी पत्नी की भी मृत्यु हो जाती है तो बाकी राशि नॉमिनी को एक साथ दे दी जाएगी। 

खाता जारी नहीं रखना- अगर ऊपर वाले केस में ABC बाकि 6 वर्षो के लिए अंशदान जमा नहीं करना चाहती हैं। तब उसे संपूर्ण राशि एक साथ दे दी जाएगी। ऐसी स्थिति में उसे कोई पेंशन नहीं मिलेगी। अगर अकाउंट होल्डर अविवाहित है या उसका जीवनसाथी जिंदा नहीं है तो संपूर्ण राशि सीधे नॉमिनी को दे दी जाती है। 

समय पूर्व निकासी – Pre Mature withdrawal of Atal Pension Yojana

एक पेंशन योजना होने के कारण अटल पेंशन योजना में समय पूर्व निकासी सामान्य परिस्थितियों में अनुमति नहीं है। परंतु अकाउंट होल्डर की मृत्यु हो जाने पर अकाउंट बंद करवाया जा सकता है।

साथ ही यदि कोई गंभीर बीमारी होने की स्थिति में भी अकाउंट होल्डर आवेदन देकर अपना अकाउंट समय पूर्व बंद करवा सकते हैं। ऐसी स्थिति में आपके अकाउंट में जमा पैसा और ब्याज आपको लौटा दिया जाएगा।

आप सामान्य स्थितियों में पैसों की जरूरत पड़ने के कारण भी आप अपना अटल पेंशन योजना अकाउंट समय पूर्व बंद करवा सकते हैं। इसमें आपको आपका पैसा ब्याज सहित लौटा दिया जाएगा। इसमें अकाउंट मेंटेनेंस के खर्चे आपको मिलने वाली राशि में से काट ले जाएंगे। Atal Pension Yojana Closure form और सर्कुलर आप यहां से डाउनलोड कर सकते हैं- Click here 

अटल पेंशन योजना में टैक्स बेनिफिट – Atal Pension Yojana Tax Benefits in Hindi

निवेशक द्वारा किया गया निवेश सेक्शन 80CCD इनकम टैक्स – 1961 के अंतर्गत छूट के योग्य है। सेक्शन 80CCD(1) में ग्रॉस टोटल इनकम का 10% अधिकतम ₹1.5 लाख रुपए तक के निवेश की छूट ले सकते हैं। यह ₹1.5 लाख रुपए की छूट सेक्शन 80(c) के अंतर्गत आती है। 

इसके अतिरिक्त निवेशक अपने अतिरिक्त निवेश पर ₹ 50,000 की अतिरिक्त छूट ले सकता है। यह छूट सेक्शन 80CCD (1B) के तहत प्राप्त होगी। यह सभी छूट इनकम टैक्स – 1961 की सभी शर्तें पूरी करने पर निर्भर करेगी। 

अटल पेंशन योजना में Maturity पर पेंशन के ऊपर टैक्स 

60 वर्ष की उम्र होने पर जब नियमित रूप से मासिक पेंशन प्रारंभ होती है तब मिलने वाली पेंशन सामान्य रूप से कर योग्य होगी। अगर उस समय आप की वार्षिक आय टैक्स स्लैब के दायरे में आएगी तभी कर देना होगा अन्यथा को टैक्स नहीं देना पड़ेगा। 

अटल पेंशन योजना के फायदे – Atal pension yojana Benefits

  • अटल पेंशन योजना के तहत निवेशक को 60 वर्ष की उम्र के पश्चात एक निश्चित आय के रूप में पेंशन प्राप्त होती रहती है। 
  • अंशदानकर्ता की मृत्यु की स्थिति में उसके जीवन साथी को पेंशन मिलना प्रारम्भ हो जाती हैं। 
  • अंशदानकर्ता एवं उसके जीवन साथी के मृत्यु होने की स्थिति में संपूर्ण राशि एकमुश्त में नॉमिनी को दे दी जाती है।
  • अटल पेंशन योजना के तहत आप टैक्स बेनिफिट भी प्राप्त कर सकते हैं। 

इस प्रकार ये योजना एक निवेशक के लिए हर तरीके से फायदेमंद हैं। 

Atal Pension Yojana Card – PRAN कैसे डाउनलोड करे

आप अपना अटल पेंशन योजना कार्ड ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं। आप इसे PRAN नंबर से या बैंक अकाउंट और जन्म तिथि से खोज कर डाउनलोड कर सकते हैं। कार्ड  यहाँ से Download करे। इसी लिंक से आप अपना स्टेटमेंट भी डाउनलोड कर सकते हैं। 

निष्कर्ष 

अगर आप अपने बुढ़ापे में कुछ निश्चित आय का जरिया तलाश रहे है तो आपको Atal Pension Yojana scheme में जरूर निवेश करना चाहिए। लेकिन ऐसा भी है की यहाँ पेंशन की राशि थोड़ी कम हैं। इसीलिए अगर आप थोड़ा ज्यादा contribution कर सकते है तो आपको 5000 वाली scheme में ही निवेश करना चाहिए।

आगे सरकार द्वारा न्यूनतम pension की राशि भी बढ़ाई जा सकती हैं।

दोस्तों, आपके Atal Pension Yojana scheme in Hindi से सम्बंधित कोई भी सवाल हो तो हमें नीचे कमेंट बॉक्स के माध्यम से बता सकते हैं।  

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