SIP vs Lump Sum which is Better | किसमें ज्यादा फ़ायदा हैं?

दोस्तों, क्या आप भी SIP और Lump Sum इन्वेस्टमेंट को लेकर चिंतित हैं कि आपको किस माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए? SIP और Lump Sum दोनों ही म्यूचुअल फंड में निवेश करने के तरीके हैं। इन दोनों तरीकों के अपने-अपने फायदे हैं और कुछ सीमाएं हैं।

दोनों निवेश के विकल्पों के रिटर्न्स में अंतर भी देखा जाता है। अगर आप एक नए निवेशक हैं और SIP vs Lump Sum में अंतर को लेकर असमंजस में है तो मुझे विश्वास है कि इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको अपने सभी सवालों का जवाब मिल जायेगा।

SIP vs Lump Sum – Mutual Fund

इन दोनों के बीच में अंतर को समझने से पहले हम संक्षेप में इनके बारे में जान लेते हैं।

SIP – सिप

SIP यानि की सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान। इसमें इन्वेस्टमेंट एक सिस्टेमेटिक तरीके से किया जाता हैं। SIP इन्वेस्टमेंट का एक ऐसा जरिया है जिसमें हम निश्चित अंतराल में किसी म्यूच्यूअल फंड स्कीम में लगातार पैसा डालते रहते हैं। जैसे प्रत्येक महीने एसबीआई ब्लूचिप फंड में ₹1000 जमा करना।

यह SIP इंस्टॉलमेंट आपके बैंक अकाउंट से डेबिट होती है और आपके म्यूच्यूअल फंड स्कीम में जमा हो जाती हैं। SIP एक नियमित निवेश की प्रक्रिया हैं जिसमें हमें लगातार पैसे डालने होते हैं। एसआईपी को आप बैंक की रेकरिंग डिपॉजिट की तरह समझ सकते हैं।

Lump Sum – लम सम

जैसे की इसके नाम से ही पता चल रहा हैं इसमें आपको सिर्फ एक बार इन्वेस्ट करना होता हैं। यानी कि इसमें आप लगातार पैसा न डालकर  सिर्फ एक बार में संपूर्ण निवेश कर देते हैं। जैसे कि आपने एसबीआई ब्लूचिप फंड में one time ₹1 लाख जमा करके छोड़ दिए हैं।

इसे आप बैंक एफडी की भांति भी समझ सकते हैं जिसमें आप एक निश्चित राशि जमा करते हैं और आपको उस पर ब्याज मिलता रहता हैं।

SIP और Lump Sum में अंतर

आप SIP और Lump Sum में अंतर इस टेबल के आधार पर समझ सकते हैं –

अंतर का आधार SIP Lump Sum
निवेश की अवधि निर्धारित समय के लिए लगातार इन्वेस्टमेंट मात्र One Time Investment
Investment Amount अधिकांश स्कीम में ₹500 से SIP की सुविधा न्यूनतम ₹5,000 का निवेश परन्तु कुछ में ₹1,000 से शुरू
Cost of Investment Rupee cost averaging के कारण कॉस्ट एवरेज रहती हैं Rupee cost averaging नहीं होती हैं। One Time Investment के कारण कॉस्ट बहुत ज्यादा या कम हो सकती हैं
रिस्क अलग-अलग मार्केट परिस्थितियों में निवेश के कारण रिस्क कम रहती हैं One Time Investment के कारण रिस्क की मात्रा ज्यादा रहती हैं
रिटर्न्स लॉन्ग टर्म में SIP के रिटर्न्स लम सम के मुकाबले अधिकतर मामलों में कम ही देखे गए हैं लॉन्ग टर्म में SIP से ज्यादा रिटर्न्स

रिटर्न्स के आधार पर SIP vs Lump Sum में अंतर

इन दोनों में रिटर्न के आधार पर अंतर करने के लिए मैंने यहाँ वास्तविक डाटा लिया हैं, जिससे आपको वास्तविक स्थिति का अंदाजा हो सके।

Axis Bluechip Fund – Direct Plan
Particulars SIP Lump Sum
SIP amount ₹5,000 p.m NIL
कुल इन्वेस्टमेंट ₹4.80 लाख ₹4.80 लाख
इन्वेस्टमेंट Start Date 01 Apr- 2013 01 Apr- 2013
End Date 01 Apr- 2021 01 Apr- 2021
Profit ₹4.74 लाख ₹12.22 लाख
Profit in % 98.83% 254.61%

दोस्तों, यहाँ मैंने पिछले 8 वर्ष का डाटा लिया हैं। ऊपर वाले केस में Lump Sum का रिटर्न SIP की तुलना में बहुत ज्यादा रहा हैं जो की लगभग हर केस में होगा।

चलिए, रिटर्न्स के अन्तर को समझने के लिए 10 से अधिक का एक और उदाहरण देखते हैं –

HDFC Index Fund – Sensex Plan
Particulars SIP Lump Sum
SIP amount ₹5,000 p.m NIL
कुल इन्वेस्टमेंट ₹6.75 लाख ₹6.75 लाख
इन्वेस्टमेंट Start Date 01 Jan- 2010 01 Jan- 2010
End Date 01 Apr- 2021 01 Apr- 2021
Profit ₹7.56 लाख ₹13.92 लाख
Profit in % 111.99% 206.36%

दूसरे केस में Lump sum का रिटर्न SIP की तुलना में ज्यादा ही रहा हैं। आपको अपने सवाल का जवाब इन टेबल से भी मिल सकता हैं क्या आप one time में 5 से 6 लाख जमा कर सकते हैं या नहीं? या आप अपने गोल को प्राप्त करने के लिए थोड़ी-थोड़ी राशि हर महीने जमा करेंगे।

Lump Sum के रिटर्न्स SIP की तुलना में ज्यादा क्यों होते हैं?

SIP की तुलना में Lump sum के रिटर्न्स ज्यादा होने का कारण हैं की आप Lump sum में सम्पूर्ण राशि एक बार में ही निवेश कर देते हैं। इससे शुरुवात से ही सम्पूर्ण राशि पर रिटर्न मिलना प्रारम्भ हो जाता हैं। जबकि SIP में पैसा अलग-अलग समय अंतरालों पर जमा किया जाता हैं जिससे रिटर्न्स बनने में थोड़ा समय लगता हैं।

सिप या SIP के द्वारा किसे निवेश करना चाहिए?

जिन निवेशकों के गोल लॉन्ग टर्म की अवधि के हैं उनके लिए SIP के द्वारा म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश अच्छा विकल्प माना जाता हैं। अगर आप भी अपने लक्ष्यों को एक सिस्टेमेटिक तरीके से प्राप्त करना चाहते हैं तो आपके लिए SIP बेस्ट विकल्प हैं।

SIP के द्वारा निवेश करना लगभग सभी व्यक्तिओं के लिए आसान होता हैं। SIP में कोई भी ऐसा व्यक्ति जो मात्र ₹500 महीने भी जमा करवा सकता हैं, निवेश कर सकता हैं। वह मात्र ₹500 महीने की SIP के द्वारा भी 13% के वार्षिक रिटर्न से 30 वर्ष में 22 लाख रूपये का रिटर्न बना सकता हैं।

वहीँ आपको Lump sum के द्वारा 30 वर्ष में 22 लाख रूपये बनाने के लिए एकमुश्त ₹46,000 निवेश करने होते। जो मेरी राय में प्रत्येक वर्ग के व्यक्ति के लिए संभव नहीं हैं।

ऐसे निवेशक जिन्हें स्टॉक मार्केट के रिटर्न्स का फायदा उठाना हैं उनके लिए SIP बेस्ट ऑप्शन हो सकता हैं। अलग-अलग समय में निवेश करने से SIP में cost averaging भी होती रहती हैं।

SIP में High market का कोई डर नहीं

इसमें आपको बिलकुल भी चिंता करने की जरुरत नहीं की आपने म्यूच्यूअल फण्ड महंगा या सस्ता खरीद लिया। जबकि Lump Sum में one time इन्वेस्टमेंट के कारण हो सकता हैं की आपने बहुत ही high मार्केट में बड़ा निवेश कर दिया हो। इस कारण आपको लगातार कुछ वर्षों तक नेगेटिव रिटर्न देखने को मिल सकता हैं।

जैसे की वर्तमान में सेंसेक्स 50,000 पॉइंट्स से ऊपर हैं, जो की इसका ज्यादा वैल्यूएशन हैं। इस समय Lump Sum करने की सलाह नहीं दी जा सकती। हालाँकि मार्केट करेक्शन जैसे की कोरोना वायरस के शुरुवाती चरण में देखा गया था, Lump Sum उस समय एक अच्छा विकल्प हो सकता हैं।

परन्तु SIP में आपकी इन्सटॉलमेंट मार्केट की हर स्थिति में जमा होती रहती है। इसीलिए SIP को Lump Sum से अधिक तवज्जो दी जाती हैं।

Lump Sum किसे करना चाहिए?

इसमें आपको एकमुश्त में अपना निवेश करना होता हैं। अधिक निवेश राशि होने के कारण Lump Sum उन निवेशकों के लिए बेहतर माना जाता हैं जो एक साथ बड़ी राशि निवेश कर सके। Lump Sum में ऐसा नहीं हैं की हम किसी भी मार्केट स्थिति में जब चाहे इन्वेस्ट कर दे। खासतौर पर overvalued मार्केट में तो बिलकुल भी Lump Sum की सलाह नहीं दी जाती।

Overvalued Market ??? 

इसलिए Lump Sum को उन निवेशकों के लिए बढ़िया माना जाता हैं जो मार्केट एक्सपर्ट हो या स्टॉक मार्केट की जानकारी रखते हो। इसलिए अगर आप नए निवेशक हैं तो आपके लिए निश्चित तौर पर SIP बेस्ट विकल्प होता हैं। इसमें आपको बिलकुल भी जरुरत नहीं की आप पता करें की मार्केट overvalued हैं या undervalued.

SIP or Lump Sum Which is Best?

SIP के फ़ायदे 

  • आप इसमें मात्र ₹500 से भी इन्वेस्टमेंट की शुरुवात कर सकते हैं।
  • एक सिस्टेमेटिक तरीके से अपने गोल को प्राप्त करने के लिए बेहतरीन विकल्प।
  • इसमें Rupee cost averaging का फायदा मिलता हैं।
  • स्टॉक मार्केट के विशेष ज्ञान की आवश्यकता नहीं।
  • पावर ऑफ़ कम्पाउंडिंग से तेजी से वेल्थ बनाने में सक्षम।
  • आय में वृद्धि के साथ-साथ SIP में निवेश की राशि को बह बढ़ाया जा सकता हैं।
  • एक अनुशासित निवेश।

SIP के नुकसान

Lump sum की तुलना में देखा जाये तो SIP में लॉन्ग टर्म में रिटर्न्स के अलावा कोई भी drawback नहीं हैं।

Lump Sum के फ़ायदे

  • अधिक निवेश की राशि एक साथ काम पर लग जाने के कारण रिटर्न्स अच्छे मिलते हैं।
  • इसमें अतिरिक्त निवेश के द्वारा Lump Sum के निवेश को बढ़ाया जा सकता हैं।
  • समय के साथ पावर ऑफ़ कम्पाउंडिंग देखने को मिलती हैं।

Lump Sum के नुकसान

  • अधिक निवेश की आवश्यकता के कारण सभी के लिए सहीं ऑप्शन नहीं।
  • ₹1000 से लम सम करवाने का औचित्य नहीं।
  • निवेशक को मार्केट ज्ञान की आवश्यकता।
  • Goal oriented नहीं।
  • हाई मार्केट में निवेश से भारी नुकसान की संभावना।
  • Rupee cost averaging का फायदा नहीं।

निष्कर्ष – Which is better SIP or Lump Sum

मैंने यहाँ Lump Sum and SIP में से बेस्ट बताने के लिए ये आर्टिकल लिखा हैं इसका मतलब यह नहीं की आपको सिर्फ एक ही चुनना हैं। आप चाहे तो SIP and Lump Sum दोनों में एक साथ निवेश कर सकते हैं। यह पूर्णतया आपके ऊपर निर्भर करता हैं।

मैं स्वयं इन दोनों में निवेश करता हूँ। परन्तु आपको इन दोनों की limitation को ध्यान रखकर ही निवेश करना चाहिए। जो की आपको ऊपर दी गई जानकारी से समझ में ही गई होगी।

अगर फिर भी आप मुझे Lump Sum and SIP में से किसी एक को चुनने को कहेंगे तो मैं निश्चित तौर पर SIP को ही चुनूंगा। क्योंकि इसमें किसी भी वर्ग का व्यक्ति आसानी से निवेश कर सकता हैं और वो भी बिना किसी बाज़ार ज्ञान के।

पढ़े  – Best Small Cap Mutual Funds to Invest

तो दोस्तों, आशा करता हूँ की आपको Which is better SIP or Lump Sum एवं SIP vs Lump Sum की यह जानकरी पसंद आई होगी और अब आप clear होंगे की आपको किसके साथ निवेश करना हैं।

इस आर्टिकल को अपने दोस्तों और जरूरतमंदों को जरूर शेयर करें।

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