बेस्ट म्यूच्यूअल फण्ड कैसे चुनें | 12 Tips to Select Mutual Fund

दोस्तों, अगर आप भी Mutual Fund में निवेश करने की सोच रहे हैं तो आपके सामने यह समस्या जरूर होगी कि आप Best Mutual Fund कैसे चुनें । म्यूच्यूअल फंड में या तो आप SIP या लम सम के माध्यम से निवेश कर सकते हैं।

सही Mutual Fund चुनने के लिए पहले आपको जानना आवश्यक है कि म्यूच्यूअल फंड क्या है म्यूच्यूअल फंड के बारे में जानने के बाद आप आसानी से समझ पाओगें की Best Mutual Fund कैसे चुनें ।

म्यूच्यूअल फंड का चुनाव करते समय आपको कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना होता है जो आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से समझेंगे। अगर आप एक नए निवेशक भी हैं तो भी आप अपने लिए इन पॉइंट्स से अपने लिए एक बेस्ट म्यूच्यूअल फण्ड का चुनाव कर पाएंगे। 

बेस्ट Mutual Fund कैसे चुनें | How to Select Mutual Fund

नीचे दिए गए पॉइंट्स को समझ कर आप अपने लिए बेहतरीन म्यूच्यूअल फंड का चुनाव कर सकते हैं। जो आपकी अपेक्षाओं पर खरा उतरे और आपके लिए अच्छी वेल्थ का निर्माण कर सकें।

Sahi mutual fund ka chunav kaise kare

How to select best Mutual Fund in Hindi

1. लक्ष्य निर्धारित करना

दोस्तों, सुनने में यह पॉइंट आपको ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं लगेगा। परंतु म्यूच्यूअल फंड के चुनाव में यह सबसे पहला कदम होता है। आप खुद सोचिए आपको म्यूच्यूअल फंड में क्यों निवेश करना है। जब आप अपना लक्ष्य निर्धारित कर लेते हैं तो आपको अंदाजा लग जाता है कि आप को किस प्रकार की म्यूच्यूअल फंड स्कीम में निवेश करना है।

उदाहरण के तौर पर अगर आपका लक्ष्य छोटे समय के लिए है तो आप debt funds या liquid funds का चुनाव कर सकते हैं। अगर आपका लक्ष्य लॉन्ग टर्म में किसी जरूरत को पूरा करने के लिए है तो आप इक्विटी फंड में जा सकते हैं। आप के लक्ष्यों में घर खरीदना, कार खरीदना या पूंजी का निर्माण करना हो सकता है। आप अपने लक्ष्य के अनुरूप निवेश की अवधि निर्धारित कर सकते है।  

2. रिस्क लेने की क्षमता

सही Mutual Fund का चयन करने के लिए आपको देखना होगा कि आप कितनी रिस्क ले सकते हैं। अगर आप एग्रेसिव निवेशक की तरह ज्यादा रिस्क ले सकते हैं तो small cap fund का चुनाव कर सकते हैं। यदि आप बहुत कम रिस्क लेकर वेल्थ बनाना चाहते हैं तो आपको large cap fund में निवेश करना चाहिए।  इसके लिए आप म्यूच्यूअल फंड्स के रिटर्न्स की तुलना आपस में कर सकते हैं। 

ये भी पढ़े –

3. समयावधि

आपका म्यूच्यूअल फंड का चुनाव आपके इन्वेस्टमेंट की समय अवधि पर भी निर्भर करता है। यह समय अवधि 3 दिन से लेकर 5 साल या 20 साल तक भी हो सकती है। अगर आप कम समय के लिए पैसा लगा रहे हैं तो आपको पैसा सुरक्षित फंड में लगाना चाहिए। मार्केट अत्यधिक अस्थिर (Volatile) हो सकता है।  समय के अनुरूप म्यूच्यूअल फंड का चुनाव आपको इस टेबल से एक अंदाजा देगा। 

समयावधि  Best Mutual Fund
3 दिन से 3 महीनें  लिक्विड फंड्स 
3 महीने से 1 वर्ष  अल्ट्रा शार्ट टर्म फंड्स 
1 वर्ष से 5 वर्ष  हाइब्रिड/बैलेंस्ड फंड्स 
5 वर्ष से ज्यादा  इक्विटी फंड्स

4. फंड का लगातार अच्छा प्रदर्शन

किसी भी म्यूच्यूअल फंड की पिछली परफॉर्मेंस उसकी भविष्य की परफॉरमेंस का मापदंड नहीं होती। परंतु फिर भी आपको उस म्यूच्यूअल फंड के पुराने परफॉर्मेंस पर थोड़ा ध्यान देना जरूरी है। आप उसी प्रकार की स्कीम जो समान कैटेगरी और लक्ष्य पर आधारित हो उसकी तुलना अपने फंड से कर सकते हैं। तुलना करते वक़्त आपको फंड्स के रिस्क फैक्टर्स पर भी ध्यान देना चाहिए।

अस्थिर (volatile) मार्केट में फण्ड कैसा प्रदर्शन कर रहा है, यह भी देखना आवश्यक है। हम ये भी देखेंगे की क्या फंड अपने बेंच मार्क को बीट कर पा रहा है या नहीं।

म्यूच्यूअल फंड की कंसिस्टेंट परफॉर्मेंस बहुत मायने रखती है। यानि फंड ऐसा नहीं होना चाहिए जिसने किसी वर्ष बहुत अच्छा मुनाफा दिया और अगले कुछ सालों में में अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहा। 

5. फीस और लोड

Mutual Fund कंपनी निवेशकों से फीस चार्ज करके ही अपना लाभ कमाती है। Mutual Fund खरीदते वक्त आपको फण्ड का expenses ratio जरूर चेक कर लेना चाहिए। अगर आप चाहे तो expenses ratio को सामान कैटेगरी के फंड से तुलना भी कर सकते हैं। इससे आपको पता लग जायेगा की आपके द्वारा भुगतान किये जाने वाला शुल्क कही ज्यादा तो नहीं।  

फंड पर एग्जिट लोड के बारे में भी जान लेना आवश्यक है। फण्ड हाउस आमतौर पर एक निश्चित समय से पहले म्यूच्यूअल फंड बेचने पर आप से एग्जिट लोड चार्ज करते हैं। जिससे आपको मिलने वाला मुनाफा थोड़ा कम हो जाता है।

एक बार अवशय आपको म्यूच्यूअल फंड की टर्म एंड कंडीशन पढ़ लेनी चाहिए। साथ ही इनके शुल्क के बारे में जांच-पड़ताल अवश्य कर लेनी चाहिए क्योंकि कई बार फंड हाउस के कुछ हिडेन चार्जेस (hidden charges) होते हैं। 

एक निवेशक के तौर पर आपको उसी म्यूच्यूअल फण्ड का चुनाव करना चाहिए जो शून्य या न्यूनतम एंट्री और एग्जिट लोड चार्ज करें। 

6. फंड मैनेजर (Fund Manager)

किसी भी म्यूच्यूअल फंड स्कीम को खरीदने से पहले आपको उस फंड को संभालने वाले फंड मैनेजर के बारे में जान लेना आवश्यक है। इसमें आपको देखना चाहिए कि फंड मैनेजर को कितना अनुभव है। उसकी योग्यताएं क्या है और वह वर्तमान में किस-किस फंड को मैनेज कर रहा है।

आप उस फंड मैनेजर के द्वारा किए जाने वाले सभी फंड्स के रिटर्न्स को देख सकते हैं। इससे आपको पता लग जाएगा कि उस फंड मैनेजर द्वारा मैनेज किए जा रहे हैं म्यूच्यूअल फंड कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं। आप फंड मैनेजर के बारे में अधिक जानकारी value research और money control जैसी वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।

7. रेटिंग

म्यूच्यूअल फंड की रेटिंग उसकी पास्ट परफॉर्मेंस के आधार पर दी जाती है। भारत में CRISIL, ICRA, Morning Star, Value research जैसी एजेंसियों द्वारा म्यूच्यूअल फंड्स को विश्वसनीय रेटिंग दी जाती है। अगर आप म्यूच्यूअल फंड स्कीम की रेटिंग पर थोड़ा सा रिसर्च करके इन्वेस्ट करे तो आप एक सही म्यूच्यूअल फंड स्कीम का चुनाव कर सकते हैं और भविष्य में अच्छा लाभ कमा सकते है।

यहां पर एक बात पर ध्यान दें, कि आप रेटिंग को तवज्जो दे सकते हैं। परंतु रेटिंग किसी किसी फंड की परफॉर्मेंस का संपूर्ण पैमाना नहीं होती। यह रेटिंग अन्य कारकों पर भी निर्भर करती है। रेटिंग परफॉर्मेंस, उस केटेगरी में प्रदर्शन आदि के आधार पर निकाली जाती है।

कई लोग आपसे कहते भी मिल जाएंगे कि आपको रेटिंग ट्रैप में नहीं आना है। हालांकि देखा जाए तो दोस्तों कम रेटिंग वाले फंड वास्तव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे होते हैं। तभी उनकी रेटिंग कम की जाती है। इसलिए मेरी राय के अनुसार जहां तक हो सके 3 स्टार से नीचे वाली स्कीम का चुनाव बिल्कुल नहीं करना चाहिए। अगर यह रेटिंग चार या पांच स्टार हो तो अच्छी बात होगी।

Best mutual fund kaise chune, Mutual Fund कैसे चुनें best mutual fund kaise chune

8. फंड की साइज

फंड की साइज का म्यूच्यूअल फंड की परफॉर्मेंस से कोई सीधा संबंध नहीं होता है। लेकिन आपको फंड की साइज अवश्य चेक कर लेनी चाहिए। फंड साइज का मतलब है कि टोटल मार्केट वैल्यू उन asset की जो उस म्यूच्यूअल फंड द्वारा मैनेज की जा रही है। फंड की साइज से फंड की लोकप्रियता का मालूम चलता है।

मान लीजिए किसी म्यूच्यूअल फंड स्कीम की फंड साइज AUM (asset under management) 2015 में 1,000 करोड़ थी। वो साइज आज 2020 में मात्र 1,400 करोड़ है। इसका मतलब यह हुआ कि वह फण्ड अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है और लोगों उस फंड में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

9. फंड की उम्र (age)

इसमें यह देखा जाता है कि Mutual Fund स्कीम को लॉन्च हुए कितना समय हो गया है। अगर फंड की आयु 2-3 वर्ष से ज्यादा है तो एक अच्छा विकल्प है। पुराने फण्ड का डाटा उपलब्ध होने के कारण हम उसका विश्लेषण आसानी से कर सकते हैं। 

दोस्तों जहां तक हो सके नए फंड ऑफर (NFO) से दूर रहना चाहिए।

10. बेंचमार्क और समान फंड्स से तुलना

किसी भी Mutual Fund की परफॉर्मेंस की तुलना उसके बेंचमार्क से की जाती है। बेंचमार्क किसी म्यूच्यूअल फंड का मानक या स्टैंडर्ड माना जाता है। उदाहरण के लिए बैंकिंग शेयरों पर आधारित म्यूच्यूअल फंड का बेंचमार्क इंडेक्स, बैंकिंग इंडेक्स हो सकता है।

इस प्रकार आप पिछले कुछ सालों के म्यूच्यूअल फंड के प्रदर्शन की तुलना उसके स्टैंडर्ड बेंचमार्क से कर सकते हैं। इससे आपको यह मालूम हो जाएगा कि क्या फंड अपने उद्देश्य के अनुसार प्रदर्शन कर पा रहा है या नहीं। अगर म्यूच्यूअल फंड अपने बेंचमार्क के रिटर्न के बराबर रिटर्न दे रहा हैं या बेंचमार्क को बीट (beat) कर पाने में सक्षम है तो वो फण्ड एक अच्छा फण्ड माना जाता है।

म्यूच्यूअल फंड की तुलना उसके समान कैटेगरी के अन्य म्यूच्यूअल फंड से भी की जा सकती है। इससे आप पता लगा सकते हैं कि वह फंड अपने जैसे समान फंड्स के मुकाबले कैसा प्रदर्शन कर रहा है।

ये भी पढ़े-

11. रिस्क v/s रिटर्न

आपको ऐसे म्यूच्यूअल फंड का चुनाव करना चाहिए जो अपनी रिस्क के अनुसार रिटर्न देने में सक्षम हो। रिस्क और रिटर्न में तालमेल होना आवश्यक है। फंड लिये गए रिस्क के अनुसार रिटर्न्स दे रहा है या नही। यहां कम रिस्क के साथ लगातार रिटर्न्स देने वाले फंड्स अच्छा विकल्प रहते है।

12. फंड का पोर्टफोलियो

आप जिस म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना चाहते हैं उसके पोर्टफोलियो का अवलोकन कर सकते हैं। आपको पोर्टफोलियो में देख सकते हैं कि उसमें कितने प्रकार के स्टॉक हैं, फंड्स ने कहा-कहा निवेश किया हुआ है। कहीं फंड मैनेजर ने ऐसे स्टॉक्स का तो चयन नहीं कर रखा जिनकी ग्रोथ संभावनाएं  बहुत कम है। आप सामान तरह के फंड के पोर्टफोलियो की भी आपस में तुलना कर सकते हैं।

निष्कर्ष

दोस्तों, अगर आपको भी एक सही म्यूच्यूअल फंड का चुनाव करना है तो आपको सभी फैक्टर्स को ध्यान में रखकर करना होगा। Best Mutual Fund कैसे चुनें , ये समस्या प्रारम्भ में जरूर रहती है परंतु इन पॉइंट्स का ध्यान रखकर आप सही म्यूच्यूअल फण्ड सकते है।

ऐसा नहीं है कि कोई फंड सभी पैमानों पर खरा उतरे। कुछ कम महत्वपूर्ण कारको से आप समझौता (compromise) भी कर सकते हैं।

तो आशा करते हैं कि आपको समझ में आया होगा कि Best Mutual Fund कैसे चुनें या How to select best Mutual Funds in Hindi । आपको म्यूच्यूअल फंड से संबंधित कोई भी सवाल हो तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते हैं।

3 thoughts on “बेस्ट म्यूच्यूअल फण्ड कैसे चुनें | 12 Tips to Select Mutual Fund”

Leave a Reply

Punji Guide