Mutual Funds क्या हैं और कैसे काम करता हैं – सम्पूर्ण जानकारी

दोस्तों, आपने म्यूच्यूअल फंड का नाम तो सुना ही होगा। म्यूच्यूअल फण्ड आजकल निवेश करने का सबसे लोकप्रिय तरीका है। आप में से कई लोग जानते होंगे की म्यूच्यूअल फंड क्या हैं। लेकिन कई मेरे दोस्त म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना चाहते है परन्तु उनको सही जानकरी नहीं हैं की Mutual Funds क्या हैं ।

क्या आपने सोचा है कि आपके पैसे के मूल्य में समय के अनुसार गिरावट होती रहती है। इस गिरावट का कारण होता है मुद्रास्फीति (Inflation)। इस मुद्रास्फीति से निजात पाने के लिए लोग अपना पैसा कहीं ना कहीं निवेश करते हैं जैसे कि गोल्ड, सेविंग अकाउंट, रियल स्टेट, म्यूच्यूअल फंड आदि। वर्तमान में mutual fund इन सब में लोकप्रिय माना जाता है। जो पैसा आपको म्यूच्यूअल फण्ड बना के देता है शायद ही कोई दूसरा निवेश प्लान आपको दे पाए।

तो आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से बात करेंगे की Mutual Fund kya Hai और म्यूच्यूअल फण्ड कैसे काम करता है।

उससे पहले म्यूचुअल फंड के इतिहास के बारे में थोड़ा सा जान लेते हैं। भारत का पहला म्यूच्यूअल फंड UTI (1963 में स्थापित) के द्वारा लाया गया था। UTI के द्वारा 1964 में भारत की पहली Mutual fund स्कीम लॉन्च की गई थी। उसके बाद बहुत सी कम्पनियाँ इस निवेश प्लान में आई जो अभी mutual funds में निवेश का मौका दे रही है।

म्यूच्यूअल फंड क्या है? What is Mutual Fund in Hindi

Mutual Fund का सामान्य अर्थ है सामूहिक निवेश। जी हां म्यूच्यूअल फंड में सिर्फ आपके अकेले का निवेश नहीं होता है अपितु कई लोगों का निवेश होता है। म्यूच्यूअल फंड स्कीम में अनेक निवेशकों का पैसा जमा रहता है जिसका मुख्य उद्देश्य अपने निवेशकों को अच्छा रिटर्न देना होता है।

आसान भाषा में समझे तो म्यूच्यूअल फंड एक ऐसा बकेट (Bucket) है जो कई अलग निवेशकों से एकत्रित किए हुए पैसे से बना होता है। ये बहुत सारा पैसा फण्ड मैनेजर को विकल्प देता है की वो निवेशकों पैसा अलग- अलग जगह लगाकर उसका सही इस्तेमाल करे। इस बकेट में एकत्रित पैसे को स्टॉक मार्केट, बॉन्ड्स, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट आदि में निवेश किया जाता है।

म्यूच्यूअल फंड को कौन manage करता है?

किसी म्युचुअल फंड स्कीम को मनी मैनेजर या फंड मैनेजर्स (Fund managers) द्वारा संचालित किया जाता है। अलग-अलग म्यूच्यूअल फंड हाउस अपनी जरूरतों के हिसाब से फंड मैनेजर को हायर करते हैं।

जैसा की आपने जाना एक म्यूचुअल फंड एक ऐसा बकेट है जिसमें निवेशकों का पैसा इक्कठा रहता है। इस बकेट में जो पैसा होता है वह फंड मैनेजर द्वारा अलग-अलग जगह निवेश किया जाता है। इस बकेट को manage करने की जिम्मेदारी Fund Managers पर ही होती है।

म्यूचुअल फंड के लक्ष्य के अनुसार मनी मैनेजर उसके निवेशकों के लिए लाभ प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। किसी म्यूच्यूअल फंड स्कीम को इस प्रकार से डिजाइन किया जाता है जो उसके उद्देश्यों को प्राप्त करने में सहायक हो।

Mutual Fund कैसे काम करता है ? – How Mutual Fund works

म्यूच्यूअल फंड भी शेयर मार्केट का एक हिस्सा ही है। हम सब सीधे शेयर मार्केट के अंदर स्टॉक्स में निवेश नहीं कर सकते। स्टॉक मार्केट में निवेश करने के लिए आपको गहन रिसर्च और अत्यधिक समय निकालना होता है। अगर आप न तो रिसर्च कर पाते न ही समय निकाल पाते तो आप स्टॉक मार्केट में निवेश करके पैसा नही कमा सकते।

वैकल्पिक तौर पर हम में से कुछ लोग ऐसे इन्वेस्टमेंट की तरफ आकर्षित होते हैं जिसमें उनका पैसा उनके लिए कोई दूसरा मैनेज करें। ऐसे invest प्लान में म्यूच्यूअल फंड सबसे बढ़िया माना गया है।

Mutual funds में आपका पोर्टफोलियो देखने वाला प्रोफेशनल मनी मैनेजर, फण्ड मैनेजर होता है जो आपके पैसे को सही जगह लगाकर आपके पैसे को बढ़ाने का प्रयास करता है। म्यूच्यूअल फंड छोटे एवं व्यक्तिगत निवेशकों को प्रोफेशनल फंड मैनेजर की सेवाएं प्रदान करता है वो भी बहुत कम लागत में।

किसी भी म्यूच्यूअल फंड स्कीम में प्रत्येक शेयर होल्डर अपने इन्वेस्टमेंट के हिसाब से समान रूप से लाभ एवं हानियों में भागीदार होते हैं।  म्यूच्यूअल फंड बड़ी मात्रा में अलग-अलग तरह की सिक्योरिटीज में निवेश करता है जिससे रिस्क अलग-अलग सेक्टर्स में बंटकर कम हो जाती है।

म्यूचुअल फंड में निवेश की मात्रा यूनिट के हिसाब से निर्धारित की जाती है। यूनिट का आधार NAV (Net Asset Value) होता है जिसके आधार पर ही  म्यूच्यूअल फंड खरीदा एवं बेचा जाता है। जितना भी पैसा आप निवेश करेंगे वर्तमान NAV के आधार पर उतनी यूनिट्स आपके अकाउंट (folio) में क्रेडिट कर दी जाती है।

Mutual Funds का रेगुलेटर कौन हैं?

सभी Mutual funds को SEBI (Securities exchange Board of India) द्वारा रेगुलेट किया जाता है। सेबी सभी फण्ड हाउस पर अपना नियंत्रण रखता हैं जिससे निवेशकों के साथ धोखा-धड़ी को रोका जा सकें। इस प्रकार म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश सुरक्षित माना जाता है।

म्यूच्यूअल फंड हाउस के शुल्क (charges) क्या होते हैं?

किसी भी इन्वेस्टमेंट प्लान में जाने से पहले हमें उसके शुल्क एवं खर्चों के बारे में जानकारी अवश्य प्राप्त कर लेनी चाहिए। म्यूचुअल फंड में भी आपको उसके खर्चे एवं शुल्कों के बारे में जानकारी अवश्य होनी चाहिए।

Mutual fund House अपनी सेवाओं के बदले आपसे Expenses Ratio चार्ज करता है। यह Expenses Ratio आपके म्यूच्यूअल फण्ड को संभालने की एवज में फंड मैनेजर की सैलरी के रूप में जाता है। ये एक्सपेंस रेश्यो 0.25 से लेकर 2% के आस-पास हो सकता हैं। Mutual Fund की NAV,  एक्सपेंस रेश्यो को घटाने के बाद ही निकाली जाती है।

म्यूच्यूअल फंड स्कीम में निवेश के विकल्प

म्यूच्यूअल फंड स्कीम में सामान्यतः तो दो प्रकार के प्लान होते हैं एक डायरेक्ट प्लान और दूसरा रेगुलर प्लान डायरेक्ट प्लान वो होता है जो आप बिना किसी एजेंट के माध्यम से करते हैं। अगर आप डायरेक्ट प्लान के माध्यम से इन्वेस्टमेंट करते हैं तो उसमें expenses ratio कम होता है।

यदि आप किसी एजेंट के माध्यम से म्यूच्यूअल फंड स्कीम में निवेश करते हैं जो कि रेगुलर प्लान होता है तो आपको डायरेक्ट प्लान की अपेक्षा अधिक एक्सपेंस रेश्यो देना होगा। ये ज्यादा एक्सपेंस रेश्यो प्रतिशत के हिसाब से बिल्कुल मामूली लगता है परंतु लंबी अवधि के निवेश में काफी बड़ा अंतर पैदा कर देता है।

म्यूच्यूअल फंड की अवधारणा

दोस्तों, आपने ऊपर पढ़ा की म्यूच्यूअल फंड हाउस निवेशकों से पैसा एकत्रित करते हैं एवं उसका उपयोग इक्विटी मार्केट, सिक्योरिटीज एवं बांड्स खरीदने में करते हैं। म्यूच्यूअल फंड के द्वारा खरीदे गए इन्हीं सिक्योरिटीज के प्रदर्शन के ऊपर किसी म्यूच्यूअल फंड स्कीम का मूल्य निर्भर करता है।

इसका अर्थ यह हुआ कि जब भी आप किसी म्युचुअल फंड स्कीम की कोई यूनिट शेयर खरीदते हैं तो आप उस म्यूच्यूअल फंड की overall परफॉर्मेंस खरीद रहे हैं। परफॉर्मेंस के अतिरिक्त आप अपनी खाते में जमा यूनिट्स को उस पोर्टफोलियो का एक हिस्सा भी समझ सकते हैं।

म्यूच्यूअल फंड की वैल्यू

किसी भी म्युचुअल फंड स्कीम की वैल्यू Present NAV के आधार पर प्रति यूनिट के हिसाब से निकाली जाती है। NAV सम्पूर्ण पोर्टफोलियो में मौजूद सिक्योरिटीज के वर्तमान मूल्य को कुल बकाया शेयर (outstanding shares) से विभाजित करके निकाली जाती है।

ये आउटस्टैंडिंग शेयर्स कई व्यक्तियों द्वारा होल्ड किये हुए हो सकते हैं जैसे की शेयर धारक, इंस्टीट्यूशनल निवेशक और कंपनी के अधिकारी।

म्यूचुअल फंड का मूल्य शेयर के जैसे मार्केट hours के दौरान नहीं बदलता हैं। इसका मूल्य ट्रेडिंग डे की समाप्ति के पश्चात ही NAV के आधार पर निकाला जाता है।

कितने रुपए से mutual fund प्रारम्भ किया जा सकता है?

आपके मन मे अब यह सवाल जरूर होगा कि Mutual Funds में न्यूनतम कितने रुपये से निवेश प्रारम्भ किया जा सकता है? दोस्तों म्यूचुअल फंड में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसे बहुत ही कम निवेश से प्रारंभ किया जा सकता है। इसमें आप मात्र ₹ 500 से भी निवेश प्रारंभ कर सकते हैं।

यहां तक कि वर्तमान में कोई-कोई म्यूच्यूअल फण्ड हाउस या AMC (Asset management company) ₹100 से भी निवेश प्रारंभ करने का विकल्प प्रदान करते हैं। हर प्रकार के निवेशक की म्यूचुअल फंड तक पहुंच ही इसे एक आकर्षक निवेश का विकल्प बनाता हैं।

mutual fund kya hai

Mutual fund investment करने के तरीके

सामान्यतः Mutual fund investment हम दो प्रकार से निवेश कर सकते हैं।

  1. SIP
  2. लम्प सम

पहला तरीका है SIP (Systematic investment plan) जिसमे आप एक निश्चित राशि एक निश्चित अंतराल में म्यूचुअल फंड स्कीम में लगाते हैं। यह समय अंतराल 15 दिन, एक महीना या तिमाही हो सकता है। यह तरीका बैंक के Recurring Deposit की भांति होता है जिसमें आप wealth का निर्माण करने के लिए लगातार पैसा जमा करते रहते हैं।

Mutual fund investment या म्यूचुअल फंड में निवेश करने का दूसरा तरीका है Lump sum. इसमें आपको SIP की तरह बार-बार पैसा नहीं डालना होता है। इसमें आप एक बड़ा अमाउंट एक साथ निवेश कर देते हैं। Lump sum को आप बैंक की Fixed deposit की भांति भी समझ सकते हो।

निष्कर्ष- Mutual Funds क्या हैं

निवेश के विकल्पों में Mutual funds इन दिनों सबसे लोकप्रिय निवेश का तरीका बन गया है। भारत मे अभी ये बहुत ज्यादा ग्रो करने की अवस्था में है। आने वाले वर्षों में इसके और तेजी से बढ़ने की संभावना है।

Mutual funds में निवेश करने के लिए किसी विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं होती है। इसमें आपके पोर्टफोलियो को पेशेवर विशेषज्ञ संभालते हैं। यह फण्ड मैनेजर हमारे पोर्टफोलियो के लिए बेस्ट स्टॉक एवं अन्य सिक्योरिटीज का चुनाव करते हैं जो हमें बढ़िया रिटर्न दे सके।  म्यूच्यूअल फंड अनेक प्रकार के स्टॉक्स एवं सिक्योरिटीज में निवेश करते हैं जिससे हमारे पोर्टफोलियो में विविधता बनी रहती है।

इसलिए आपको बेजिझक म्यूच्यूअल फण्ड इन्वेस्टमेंट की शुरुवात करनी चाहिए। जितनी जल्दी आप शुरुवात करेंगे उतना आपको फायदा होगा।

तो दोस्तों आज आपने समझा कि Mutual Fund क्या हैं (What is Mutual Fund in Hindi) और म्यूच्यूअल फण्ड कैसे काम करता है। अगर आपके मन में इससे संबंधित कुछ भी सवाल है तो आप हमसे कमेंट बॉक्स के माध्यम से सवाल पूछ सकते हैं।

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