स्टॉप लॉस क्या होता हैं | Stop Loss कैसे लगाएं

यदि आप शेयर मार्केट में एक नए निवेशक या ट्रेडर हैं और Stop Loss को लेकर दुविधा में हैं तो आप बिलकुल सही आर्टिकल पर हैं।

स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग आर्डर को पूरा करने के लिए अनेक प्रकार के ऑर्डर्स रहते हैं, स्टॉप लॉस भी उन्हीं में से एक हैं। तो आइये, आज हम इस आर्टिकल में बात करने वाले हैं की स्टॉप लॉस क्या होता हैं (Stop Loss Meaning in Hindi), स्टॉप लॉस क्यों लगाना चाहिए और स्टॉप लॉस कैसे लगाएं।

स्टॉप लॉस क्या होता हैं | Stop Loss Meaning in Hindi

स्टॉप लॉस ट्रेडिंग के दौरान मिलने वाली ऐसी सुविधा हैं जो की ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर प्रयोग की जा सकती हैं। जैसा की Stop Loss के नाम से ही पता चल रहा हैं ये ट्रेडिंग के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने के लिए प्रयोग किया जाता हैं।

ये ऐसी तकनीक हैं जिससे ट्रेडर अपने नुकसान को सीमित कर सकता हैं। Stop Loss का इस्तेमाल करने से ट्रेड में जोख़िम काफी हद तक कम हो जाता हैं। स्टॉप लॉस उन ट्रेडर्स के लिए बेस्ट रहता हैं जो की नियमित रूप से अपने ट्रेड को देखते नहीं हैं या ट्रेड लगाकर भूल जाते हैं।

Stop Loss Meaning in Share Market in Hindi

Stop Loss Kya Hota hai

जब कोई ट्रेडर Stop Loss Order लगाता हैं, तब तक वो आर्डर निष्क्रिय (Inactive) रहता हैं जब तक कि वो ऑर्डर उस स्टॉप लॉस की प्राइस पर नहीं पहुँच जाता।

जैसे ही आपका ऑर्डर टारगेट प्राइस को हिट करता हैं वैसे ही यह स्टॉप लॉस ऑर्डर एक्टिव हो जाता हैं। यह टारगेट प्राइस, ट्रेडर द्वारा तय किया जाता है।

स्टॉप लॉस इसलिए लगाया जाता हैं की, यदि मार्केट ट्रेडर की आशा के विपरीत जाना शुरू कर देता हैं तो ट्रेडर को ज्यादा नुकसान नहीं उठाना पड़े।

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Stop Loss उदाहरण

चलिए स्टॉप लॉस क्या हैं, को एक आसान उदाहरण से समझते हैं:

मान लेते हैं की कोई ट्रेडर ABC लिमिटेड का शेयर ₹150 पर के मूल्य पर ख़रीदता है। उस ट्रेडर को उम्मीद हैं की स्टॉक की कीमत बढ़ने वाली हैं। लेकिन साथ में ट्रेडर ₹140 के मूल्य पर स्टॉप लॉस भी लगाता हैं।

लेकिन वहा से स्टॉक गिरना चालू होता हैं। ABC लिमिटेड का शेयर गिरकर ₹140 पर आ जाता हैं। अब यहां उस ट्रेडर का स्टॉप लॉस हिट हो जायेगा। जिससे की उसके शेयर ₹140 पर बिक जाएंगे।

इस तरह वो ट्रेडर अपने नुकसान को मात्र ₹10 प्रति शेयर पर लिमिट कर लेता हैं। शेयर की कीमत ₹140 होते ही वो आटोमेटिक ट्रिगर हो जायेगा।

स्टॉप लॉस ऑर्डर, खरीदने और बेचने दोनों के लिए हो सकता हैं। जिसकी हम आगे चर्चा करेंगे। 

स्टॉप लॉस कैसे लगाए | Stop Loss kaise Lagaye

आप मार्केट ऑर्डर और लिमिट आर्डर दोनों में स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। आमतौर पर स्टॉप लॉस पहले से ली हुई पोजीशन के लिए लगाया जाता हैं। स्टॉप लॉस की अवधि सिर्फ एक दिन की होती हैं।

हम मार्केट में अलग-अलग कंडीशन में स्टॉप लॉस लगा सकते हैं, जिनका ब्यौरा नीचे समझाया गया हैं।

Stop Loss Market Order

Buying Position:

  • जैसा की ये एक मार्केट आर्डर होता हैं, इसमें सिर्फ आपको ट्रिगर प्राइस ही (trigger price) डालनी होती हैं।
  • जैसे की आपने कोई शेयर खरीद रखा हैं जिसका वर्तमान में मूल्य ₹100 हैं। यदि आप चाहते हैं की मैं इस शेयर को ₹95 से नीचे होल्ड नहीं करना चाहता। मतलब की मैं यहां से ₹5 के नुकसान से अधिक नहीं सहन कर सकता।
  • ऐसी स्थिति में आप Stop Loss Market Order लगाएंगे। इसके लिए आप उस शेयर पर जाकर Sell पर क्लिक करेंगे। उसके बाद Order Type में SL-M सेलेक्ट करेंगे। उसके बाद आपको ट्रिगर प्राइस में ₹95 डालना होगा। इस तरह यदि वो शेयर ₹95 को छूता हैं तो आपका शेयर Sell हो जायेगा।

Short Selling Position:

  • इस कंडीशन में जो शेयर आप शॉर्ट सेल कर रखा हैं उस पर Buy Click करेंगे। उसके बाद Order Type में SL-M सेलेक्ट करेंगे। नेक्स्ट आपको आपको वो प्राइस डालनी हैं, जहां तक आप उस शेयर को बाय कर सकते हैं।
  • जैसे की आपने कोई शेयर short sell कर रखा हैं जिसका वर्तमान में मूल्य ₹100 चल रहा हैं। यदि आप चाहते हैं की मैं इस शेयर को ₹105 से ऊपर नहीं खरीदना चाहता। मतलब की आप यहां से ₹5 के नुकसान से अधिक सहन नहीं कर सकते।
  •  इसलिए आप ट्रिगर प्राइस में ₹105 भरेंगे। जैसे ही शेयर की कीमत ₹105 होती हैं आपका स्टॉप लॉस एक्सीक्यूट हो जाएगा। इसमें आपका आर्डर मार्केट प्राइस पर एक्सीक्यूट हो जाता हैं।

Stop Loss Limit Order

Buying Position:

  • जैसा की ये एक लिमिट आर्डर होता हैं, इसमें आपको ट्रिगर प्राइस और लिमिट प्राइस (limit price) दोनों डालनी होती हैं।
  • यदि आपने कोई शेयर खरीद रखा हैं जिसका वर्तमान में मूल्य ₹100 हैं। अब आप चाहते हैं की आपको इस शेयर को ₹95 से नीचे होल्ड नहीं करना हैं। यानि की आप अधिकतम ₹5 के नुकसान को सह सकते हैं।
  • इसके लिए आप Stop Loss Limit Order लगाते हैं। इसके लिए आप उस ख़रीदे हुए शेयर पर जाकर Sell पर क्लिक करेंगे।
  • उसके बाद आपको Order Type में SL सेलेक्ट करना हैं। उसके बाद आपको लिमिट प्राइस के रूप में ₹95 डालना होगा। इनके अतिरिक्त आपको ट्रिगर प्राइस भी दर्ज करनी होती हैं।
  • ट्रिगर प्राइस buying price और limit price के बीच होती हैं। जैसे की इस केस में आप ₹97 की ट्रिगर प्राइस डालते हैं। जैसे ही आपका स्टॉक ₹97 को छुएगा एक्सचेंज को आपका ऑर्डर प्राप्त हो जाएगा।
  • शेयर का मूल्य ₹95 होते ही आपका शेयर Sell हो जायेगा।

यहां ₹97 पर आपका ऑर्डर लग जाता है और एक्सचेंज को भेज दिया जाता हैं। जबकि आपकी लिमिट प्राइस ₹95 पर आपका आर्डर पूरा हो जाता हैं। 

Stop Loss meaning in Hindi

Short Selling Position:

  • इसमें भी आपको ट्रिगर प्राइस और लिमिट प्राइस दोनों डालनी होती हैं।
  • यदि आपने कोई शेयर ₹100 के मूल्य पर Short कर रखा हैं। इसमें आप अधिकतम ₹5 के नुकसान को ही सह सकते हैं।
  • इसके लिए आप Stop Loss Limit Order लगाते हैं। आप बेचे हुए शेयर पर जाकर Buy पर क्लिक करेंगे।
  • उसके बाद आपको Order Type में SL सेलेक्ट करना हैं। अगला आपको लिमिट प्राइस के रूप में ₹105 डालना होगा। साथ ही आपको ट्रिगर प्राइस भी दर्ज करनी होगी।
  • ट्रिगर प्राइस buying price और limit price के बीच की होनी चाहिए। जैसे की इस केस में आप ₹103 की ट्रिगर प्राइस डालते हैं। जैसे ही आपका स्टॉक ₹103 की प्राइस को छुएगा एक्सचेंज को आपका ऑर्डर प्राप्त हो जाएगा।
  • जैसे ही शेयर का मूल्य ₹105 होता हैं आपका ऑर्डर एक्सीक्यूट हो जायेगा।

स्टॉप लॉस के फायदे

  • Stop loss का इस्तेमाल करने के लिए ट्रेडर्स को कोई अलग से शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ता। इस तरह स्टॉप लॉस ट्रेडर के लिए एक फ्री इंश्योरेंस पॉलिसी की तरह काम करता है।
  • नए ट्रेडर को सीखने के लिए स्टॉप लॉस बहुत मदद करता है। क्योंकि नए ट्रेडर के सामने बड़ी चुनौती रहती की वो कहीं अपने पैसे न गंवा दें। Stop loss से उनका नुकसान सीमित रहता हैं।
  • स्टॉप लॉस मार्केट के प्रति विश्वास दिलाता हैं और मार्केट की भ्राँतियाँ दूर करता हैं।

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निष्कर्ष

स्टॉप लॉस स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग के द्वारा होने वाले नुकसान को कम करने का एक बहुत ही बेहतरीन तरीका है, जिसे की अधिकतर ट्रेडर्स इस्तेमाल करते हैं। यदि आप एक नए ट्रेडर हैं तो आपको निश्चित रूप से स्टॉप लॉस का सही इस्तेमाल सीखना चाहिए। क्योंकि स्टॉक मार्केट में प्रॉफिट कमाने से अधिक महत्वपूर्ण है अपनी कैपिटल को बचाना।

दोस्तों, आज आपने इस आर्टिकल में सीखा की स्टॉप लॉस क्या होता है (Stop Loss Meaning in Share Market in Hindi), स्टॉप लॉस कैसे काम करता है और स्टॉप लॉस कैसे लगाएं।

आप शेयर मार्केट को सही ढंग से सीखने के लिए हमारे ब्लॉग में शेयर मार्केट के सेक्शन को विजिट कर सकते हैं। यदि आपको इस आर्टिकल से संबंधित कोई भी सवाल या सुझाव है तो आप मुझे कमेंट बॉक्स के माध्यम से बता सकते हैं।

FAQ

  1. स्टॉप लॉस कैसे काम करता है?

    स्टॉप लॉस ऑर्डर एक विशिष्ट स्टॉक खरीदने या बेचने के लिए एक ऑर्डर होता है, जब वो स्टॉक एक निश्चित प्राइस पर पहुंच जाता है। इस आर्डर का इस्तेमाल लॉस को कम करने के लिए किया जाता हैं।

  2. स्टॉप लॉस कितने प्रकार के होते हैं?

    ये दो प्रकार का होता हैं – 1. Stop Loss Market Order 2. Stop Loss Limit Order.

  3. स्टॉप लॉस में लिमिट क्या है?

    लिमिट में वो प्राइस डालनी होती हैं जिस पर आप अपने आर्डर को एक्सीक्यूट करना चाहते हैं। यानि की लिमिट प्राइस पर आपका आर्डर buy या sell हो जाना चाहिए।

  4. क्या मैं डिलीवरी ट्रेड में स्टॉप लॉस सेट कर सकता हूं?

    जी हां, आप ऐसा कर सकते हैं।

  5. स्टॉप लॉस कितने प्रतिशत सेट करना चाहिए?

    इसके लिए कोई सीमा नहीं हैं। लेकिन अधिकतर ट्रेडर्स Stop Loss को 3 से 5% के आस-पास सेट करते हैं।

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