शेयर बाजार के फायदे और नुकसान

क्या आप भी शेयर मार्केट में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं। परंतु शेयर बाजार में निवेश करने से पहले आप ये जानना चाहते हैं कि शेयर बाजार के फायदे और नुकसान क्या है।

किसी भी निवेश प्लान को चुनते समय आपको उसके फायदे और नुकसानो की सही जानकारी होनी आवश्यक है। तभी आप सही निर्णय लेकर अपने गोल्स को प्राप्त कर सकते हैं।

शेयर मार्केट एक ऐसी जगह है जहां पर हम लगातार निवेश करके लंबी अवधि में अच्छे प्रॉफिट बना सकते हैं। तो दोस्तों, आज इस आर्टिकल में हम शेयर मार्केट के फायदे और नुकसान समझेंगे। जिससे कि आप सही निर्णय ले पाए कि आपको शेयर बाजार में निवेश करना है या नहीं।

शेयर बाजार के फायदे और नुकसान

शेयर बाजार के फायदे और नुकसान के इस चैप्टर में पहले हम एक-एक करके शेयर बाजार के फायदे समझेंगे।

शेयर बाजार के फायदे

शेयर बाजार के फायदे और नुकसान

(1) निवेश की शुरुवात

सबसे पहले यदि आप शेयर मार्केट में निवेश करने का निर्णय लेते हैं तो आप उन 95% लोगों से अलग हो जाते हैं जो कि शेयर मार्केट में निवेश नहीं करते। इसलिए इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि आप लंबी अवधि में उन बाकी 95% लोगों से अच्छे प्रॉफिट कमा सकते हैं। क्योंकि आज के समय में शेयर मार्केट ही एक ऐसी जगह है जहां पर काफी अच्छे रिटर्न कमाए जा सकते हैं।

(2) Better लॉन्ग टर्म रिटर्न्स

यदि आप सही तरीके से रिसर्च और एनालिसिस करके शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आप लंबी अवधि में बाकी सभी निवेश विकल्पों से बेस्ट रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।

शेयर मार्केट के रिटर्न बाकी सभी निवेश विकल्पों से लंबी अवधि में अच्छे हो सकते हैं जैसे कि पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना, गोल्ड, बैंक फिक्स्ड डिपाजिट आदि। इसलिए यदि आप सही तरीके से शेयर चुनना सीख जाते हैं तो आप ट्रेडिशनल निवेश विकल्पों के बजाय शेयर बाजार में अधिक पैसा कमा सकते हैं।

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(3) छोटी अवधि में हाई रिटर्न्स की संभावना

यदि कोई व्यक्ति स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग में थोड़ा हाथ बैठा लेता है तो वह आसानी से ट्रेडिंग के माध्यम से छोटी अवधि में ही बड़ा प्रॉफिट कमा सकता है। ट्रेडिंग से प्रॉफिट कमाना स्टॉक मार्केट का सबसे बड़ा फायदा है। कई स्टॉक मार्केट ट्रेडर्स शेयर बाजार में शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग से मोटा पैसा बनाते हैं।

लेकिन बिना सीखे और रिसर्च के की गई ट्रेडिंग काफी नुकसानदेह भी हो सकती है।

(4) बिज़नेस या कंपनी में हिस्सेदारी

उदाहरण के लिए जैसे कि आपको कोलगेट कंपनी का बिजनेस मॉडल काफी पसंद है। आप चाहते हैं की काश आप भी इस बिजनेस में पैसा लगा पाते हैं। लेकिन आज के समय में शेयर मार्केट के माध्यम से हम किसी भी बिजनेस में पैसा लगा सकते हैं।

कोलगेट कंपनी के शेयर स्टॉक मार्केट में लिस्टेड है आप जितने भी कोलगेट कंपनी के शेयर खरीदेंगे उस अनुपात में आप निवेशित कंपनी के मालिक बन जाएंगे।

इस प्रकार आप शेयर शेयर बाजार में निवेश करके किसी भी बिजनेस या कंपनी में हिस्सेदारी खरीद सकते हैं। यह शेयर मार्केट का सबसे बड़ा फायदा माना जा सकता है।

(5) डिविडेंड, बोनस की प्राप्ति

जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीद कर कंपनी में हिस्सेदारी प्राप्त करते हैं तो कंपनी के द्वारा दिए जाने वाले डिविडेंड (लाभांश) और बोनस जैसी चीजों के लिए आप एंटाइटल हो जाते हैं।

डिविडेंड का भुगतान कंपनी के द्वारा अपने प्रॉफिट या रिज़र्व में से किया जाता है जो कि उन्हीं व्यक्तियों को प्राप्त होता है जिन व्यक्तियों के पास उस कंपनी के शेयर होते हैं।

(6) न्यूनतम निवेश की कोई बाध्यता नहीं

शेयर बाजार में निवेश करने के लिए न्यूनतम निवेश की कोई बाध्यता नहीं है। आप जितना चाहे उतना पैसा स्टॉक मार्केट में निवेश कर सकते हैं। साथ ही अधिकतम निवेश किए जाने वाले अमाउंट की भी कोई सीमा नहीं है।

(7) वोटिंग का अधिकार

आप किसी भी कंपनी के शेयर खरीदकर कंपनी में स्वामित्व हासिल कर लेते हैं। साथ ही आपको वोटिंग का अधिकार भी मिल जाता है जिससे कि आप कंपनी के निर्णय में अपना वोट दे सकते हैं और अपने अधिकार का प्रयोग कर सकते हैं।

(8) हाई लिक्विडिटी

शेयर बाजार के फायदे में एक ओर प्लस पॉइंट है कि स्टॉक मार्केट में किया गया निवेश हमें हाई लिक्विडिटी प्रदान करता है।  आप शेयर मार्केट में मिनटों में अपने शेयर्स को खरीद और बेच सकते हैं जिससे कि आवश्यकता पड़ने पर आप अपने पैसों को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

बाकी कई ऐसे निवेश विकल्प होते हैं जिनमें कि आपका पैसा लॉक हो जाता है। यानि कि उनमें एक निश्चित लॉक-इन-पीरियड होता है। उस पीरियड तक आप उन पैसों को वापस नहीं निकाल सकते। लेकिन शेयर बाजार में ऐसी कोई समस्या नहीं है।

(9) सुरक्षित निवेश वातावरण

कोई भी व्यक्ति अपने पैसों के साथ में सबसे अधिक ही इमोशनली अटैच होता है। जब भी वह पैसा निवेश करता है तो उसे इसी बात की चिंता रहती है कि जहां वह निवेश कर रहा है जगह सुरक्षित है या नहीं।

लेकिन शेयर मार्केट में सेबी यानि की सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया, इस असुरक्षा के भाव को दूर करता है। सेबी भारत में फाइनेंसियल मार्केट को रेगुलेट करता है और यह सुनिश्चित करता है कि सभी निवेशकों के हितों की सुरक्षा हो।

वह स्टॉक मार्केट की सभी अनियमिताओं को दूर करके एक स्वच्छ वातावरण बनाने का प्रयास करता है। अगर उसकी नज़र में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे कड़ी सजा मिलती है।

(10) मुदास्फीति से सुरक्षा

मुदास्फीति या इन्फ्लेशन एक ऐसी दीमक है जो आपके पैसों की वैल्यू को समय के अनुसार कम करती रहती है। जो चीज आज आप ₹100 में खरीद पाते हैं वह 5 साल बाद में उसी कीमत पर नहीं खरीद पाएंगे। इसे ही मुद्रास्फीति कहते हैं।

मुद्रास्फीति से निजात पाने के लिए कई निवेश विकल्प है लेकिन उन निवेश विकल्पों में से अधिकांश निवेश विकल्प मुद्रास्फीति को भी बीट कर पाने में असक्षम है। लेकिन स्टॉक मार्केट एक ऐसी जगह है जहां पर आप मुद्रास्फीति से अधिक रिटर्न बनाकर मुद्रास्फीति को तो बीट करते ही हैं साथ में अतिरिक्त रिटर्न भी बना पाते हैं।

इसलिए यदि आप मुद्रास्फीति से निजात पाना चाहते हैं तो शेयर बाजार से बढ़िया कोई निवेश विकल्प नहीं हो सकता।

शेयर बाजार के नुकसान

शेयर बाजार के फायदे और नुकसान के इस चैप्टर में उपर हमने बात की कि शेयर बाजार के फायदे क्या हैं। लेकिन हर चीज के केवल फायदे ही नहीं होते, उसके कुछ नुकसान भी होते हैं।

इसलिए आपको सिक्के के दोनों पहलुओं को समझना आवश्यक है। आप शेयर बाजार के नुकसान निम्न पॉइंट्स के माध्यम से समझ सकते हैं।

(1) स्थिरता का आभाव

शेयर मार्केट का पहला नुकसान है कि इसमें स्थिरता का अभाव रहता है। स्टॉक मार्केट में शेयर के दाम लगातार ऊपर और नीचे होते रहते हैं। मार्केट कई प्रकार की न्यूज़ और खबरों से प्रभावित होता है जिससे इसमें वोलैटिलिटी की संभावना बनी रहती है।

यदि आप एक ट्रेडर है तो आपको इस अस्थिरता के कारण काफी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

(2) हाई रिस्क

शेयर मार्केट में अस्थिरता के कारण काफी ज्यादा रिस्क मौजूद होती है। यदि आप बिना सोचे-समझे और रिसर्च किए किसी भी शेयर में निवेश कर देते हैं तो आपके जोखिम की मात्रा ओर बढ़ जाती है।

लेकिन अगर आप क्वालिटी स्टॉक्स में निवेश करते हैं तो लंबी अवधि में आपकी रिस्क काफी कम हो जाती है और अच्छे रिटर्न प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ जाती है। हालाँकि एक ट्रेडर लगातार हाई रिस्क का सामना करता हैं।

(3) भावनापूर्ण निर्णय लेना

शेयर मार्केट में नुकसान होने का एक सबसे बड़ा कारण है कि निवेशक या ट्रेडर भावना में बहकर निर्णय लेता है। शेयर मार्केट में सेंटीमेंट्स का सबसे बड़ा रोल होता है। जो व्यक्ति अपने सेंटीमेंट्स को कंट्रोल में रखता है वह शेयर मार्केट में आसानी से पैसा कमा सकता है।

आप शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स यहां से पढ़ सकते हैं।

(4) ब्रोकरेज

जब भी आप शेयर मार्केट में कोई शेयर खरीदते और बेचते हैं तो आपको अपने स्टॉक ब्रोकर को ब्रोकरेज का भुगतान करना होता है। यदि आप डिलीवरी में स्टॉक उठाते हैं तो आपको थोड़ा कम ब्रोकरेज देना पड़ता है। लेकिन इंट्राडे ट्रेडिंग में कई प्रकार के चार्जेज शामिल होते हैं, इसकी वजह से आपकी ब्रोकरेज काफी ज्यादा हो जाती है।

साथ ही आपको अपने डिमैट अकाउंट को हैंडल करने के लिए भी स्टॉक ब्रोकर को प्रत्येक वर्ष एक निश्चित एनुअल मेंटिनेस फीस (AMC) देनी होती है। तो ये शेयर मार्केट में निवेश करने का एक बड़ा नुकसान है।

(5) कोई निश्चित रिटर्न नहीं

शेयर बाजार में कोई भी निश्चित रिटर्न नहीं होता है। शेयर मार्केट के रिटर्न पूर्णतया आपकी कुशलता और दक्षता पर निर्भर करते है। जितने आप इसमें कुशलता प्राप्त करते जाते हैं उतने आप अच्छे रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।

एक नए निवेशक को स्टॉक मार्केट से पैसा कमाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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(6) शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करना

नए व्यक्ति जो स्टॉक मार्केट में प्रवेश करते हैं वे जल्दी प्रॉफिट कमाने के चक्कर में शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करना चालू कर देते हैं।  क्योंकि शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग काफी रिस्की होती है इसमें नुकसान होने की संभावना भी बहुत अधिक होती है।

शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग को बिना सीखे और प्रॉपर रिसर्च किए कभी भी नहीं करना चाहिए, नहीं तो आप अपनी पूरी पूंजी इसमें गवा सकते हैं।

(7) अधिकारों में कमी

वैसे तो किसी कंपनी के शेयर खरीदने के बाद आप कंपनी के हिस्सेदार बन जाते है। इसके अतिरिक्त आप कंपनी के निर्णयों में वोटिंग के माध्यम से शामिल भी हो सकते है। लेकिन आपकी वोटिंग से कंपनी के निर्णय आमतौर पर प्रभावित नहीं होते।

इसके अलावा आप निवेशित कंपनी में जाकर कंपनी से किसी भी तरह का प्रमाण या कंपनी से जुड़े रिकॉर्ड नहीं देख सकते। यदि कंपनी चाहे तो अपने फायदे के लिए झूठी जानकारियां भी दे सकती है।

निष्कर्ष

तो ये थे शेयर बाजार के फायदे और नुकसान। शेयर मार्केट में निवेश करने के कई फायदे हैं तो कई नुकसान भी हैं। लेकिन ये नुकसान आपको तब अधिक दर्द देते हैं जब आप स्टॉक मार्केट में गलत व्यवहार करते हैं। यानि कि आप बिना सोचे-समझे ट्रेडिंग करते हैं या आप अपने विज़न को लेकर क्लियर नहीं होते।

बाकी ऐसी स्टॉक मार्केट में कोई समस्या नहीं है जिसके लिए आपको ऐसा निर्णय लेना पड़े की हमें स्टॉक मार्केट में निवेश नहीं करना हैं। क्योंकि रिस्क हर चीज में मौजूद होता है लेकिन आपको उसको उसे किस तरह कम करना है यह सीखना होगा।

वैसे भी विश्व के महानतम निवेशक मिस्टर वारेन बफ़ेट ने कहा है की “रिस्क तब पैदा होती है जब आप ये नहीं जानते कि आप क्या कर रहे हैं।”

इसलिए यदि आप शेयर मार्केट में निवेश करना चाहते हैं तो आप निश्चित तौर पर निवेश कर सकते हैं। लेकिन आपको एक अनुशासन और नियमित तरीके से निवेश करना होगा।

तो दोस्तों आज आपने इस आर्टिकल में जाना कि शेयर मार्केट के फायदे और नुकसान क्या हैं। यदि आर्टिकल आपको अच्छा लगा हो तो इसे सोशल मीडिया नेटवर्क पर जरूर शेयर करें और यदि आपके कोई सवालिया सुझाव है तो आप मुझे नीचे कमेंट बॉक्स के माध्यम से बता सकते हैं

FAQ

  1. न्यूनतम राशि शेयर बाजार में निवेश करने के लिए क्या हैं?

    शेयर बाजार में निवेश करने के लिए कोई न्यूनतम राशि की आवश्यकता नहीं हैं।

  2. स्टॉक मार्केट में निवेश करने से पहले किसी को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

    संक्षिप्त में बिना रिसर्च के शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग से बचना चाहिए, टिप्स के आधार पर शेयर नहीं खरीदने चाहिए, भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए, क्वॉलिटी शेयर्स में लॉन्ग टर्म के लिए निवेशित रहने का प्रयास करना चाहिए।

  3. क्या शेयर बाजार एक अच्छा निवेश है?

    यदि आप लंबी अवधि के लिए क्वालिटी स्टॉक्स में निवेश करते हैं तो शेयर बाजार आपके लिए अच्छा साबित हो सकता है। शेयर बाजार के रिटर्न सभी एसेट क्लास निवेश विकल्पों को बीट कर सकते हैं।

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