Mid Cap Fund क्या हैं – मिडकैप फण्ड के बारे में सम्पूर्ण जानकारी

जब इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश की बात आती है तो हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सही मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली म्यूच्यूअल फंड स्कीम चुननी होती है। आज मार्केट में कई प्रकार की म्यूच्यूअल फंड केटेगरी है और उनकी हजारों स्कीम्स उपलब्ध है। प्रत्येक मार्केट कैपिटलाइजेशन स्कीम के साथ अलग-अलग रिस्क जुड़ी होती हैं।

आज हम म्यूच्यूअल फंड में Midcap Funds के बारे में बात करेंगे। इसमें आपको मिडकैप म्यूच्यूअल फण्ड के बारे में हर सवाल का जवाब मिल जाएगा, जिसमें शामिल होगा मिडकैप म्यूच्यूअल फंड क्या है, (What is Midcap Funds), मिडकैप फण्ड कैसे काम करते हैं और किन निवेशकों को मिड कैप फंड्स में निवेश करना चाहिए।

मिडकैप म्यूच्यूअल फण्ड क्या हैं (What is Midcap Funds)

Midcap Fund Meaning – मिडकैप फंड वे फंड होते हैं जो अपना पैसा मार्केट कैपिटलाइजेशन के अनुसार 101 से 250 वीं वाली कंपनियों में निवेश करते हैं। ये कंपनिया मिड कैप कंपनियां होती हैं।   

मार्केट केपीटलाइजेशन? 

अगर किसी कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयर्स को करंट शेयर मार्केट प्राइस (CMP) से गुणा कर दिया जाए तो कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन निकलकर आता है।

इस प्रकार मिड कैप म्यूच्यूअल फंड का अधिकांश निवेश मिडकैप वाली कंपनियों में ही होता है। मिड कैप म्यूच्यूअल फंड्स को न्यूनतम 65% मिड कैप कंपनीज में निवेश करना होता है। जबकि बाकी वे डेब्ट, स्मॉल कैप, लार्ज कैप में निवेश कर सकते हैं।

Mid cap Funds कैसे काम करते हैं?

प्रत्येक म्यूच्यूअल फंड चाहे वो एक इक्विटी म्यूच्यूअल फंड हो या डेब्ट म्यूच्यूअल फंड उनकी एसेट क्लास ही निवेशकों को रिटर्न बना कर देती है। वैसे ही मिड कैप म्यूच्यूअल फण्ड के लिए मिड कैप वाली कंपनियां रिटर्न बना के देती है।

मिड कैप कंपनी वह कंपनी होती है जो लार्ज कैप और स्मॉल कैप के बीच में आती है। ये कंपनियां मार्केट में स्थापित हो चुकी होती होती है और आगे ग्रोथ को तलाश रही होती हैं।

Mid Cap म्यूच्यूअल फंड्स में कितना रिस्क होता हैं?

अधिकांश निवेश मिडकैप कंपनियों में होने के कारण मिड कैप फंड में लार्ज कैप फंड्स की तुलना में ज्यादा जबकि स्मॉल कैप फण्ड की तुलना में कम रिस्क होता है।

मिड कैप कंपनियां मार्केट में स्थापित हो चुकी होती है, इसलिए इनमें स्मॉल कैप के बजाय कम रिस्क होती है। परंतु फिर भी मिडकैप कंपनियों को आगे लंबा सफर तय करना होता है जिसमें ये एक स्थिरता तलाश रही होती है इसलिए इनमें लार्ज कैप से ज्यादा रिस्क होती है।

इक्विटी फंड्स में रिस्क हमेशा होती हैं किसी में कम तो किसी में ज्यादा।

मिड कैप फण्ड में क्यों निवेश करना चाहिए?

मिड कैप फंड्स अपने रिटर्न के कारण बहुत ज्यादा आकर्षक होते हैं। मिडकैप कंपनियों में 8 से 10 वर्षों में ग्रोथ के साथ सुपीरियर रिटर्न देने की भी क्षमता होती है। जो मिडकैप कंपनी भविष्य में सफलता प्राप्त करने में कामयाब होती है वे मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर लार्ज कैप केटेगरी में भी आ सकती हैं।

Mid cap म्यूच्यूअल फण्ड में ग्रोथ के संभावनाओं के साथ-साथ रिस्क भी बनी रहती है जो हमें मिड कैप सिलेक्ट करते समय ध्यान रखनी चाहिए। मिडकैप में निवेश करने पर आपके पोर्टफोलियो में आक्रमकता (aggressiveness) आती हैं जो की आपको हाई रिटर्न प्राप्त करने में मदद करता हैं। इसलिए अपने पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करने और हाई रिटर्न्स के लिए आप अपने पोर्टफोलियो में एक मिडकैप फण्ड रख सकते हैं।

मिडकैप फंड कितना रिटर्न देते हैं?

रिटर्न के लिहाज से मिड कैप फण्ड काफी आकर्षक होते हैं। मिड कैप फंड्स में ग्रोथ के संभावनाएं ज्यादा होती है, इसलिए इनमें रिटर्न देने की क्षमता भी ज्यादा होती है।

Midcap फण्ड लार्ज कैप फंड्स की तुलना में अच्छा रिटर्न देते हैं। मैं आपको कुछ लोकप्रिय मिडकैप म्यूच्यूअल फंड के रिटर्न साझा कर रहा हूं –

  • Axis Midcap Fund – 20.68% (return since launch)
  • HDFC Midcap opportunities Fund – 20.16% (return since launch)
  • ICICI Prudential Midcap Fund – 19.72% (return since launch)

इस प्रकार लंबे समय में मिडकैप फंड्स में 20% के रिटर्न देखे गए हैं जो कि काफी आकर्षक है।

मिडकैप फंड में किसे इन्वेस्ट करना चाहिए?

Midcap केटेगरी के म्यूच्यूअल फंड हाई रिस्क के साथ आते हैं जिनमें रिटर्न देने की क्षमता भी अच्छी होती हैं। अगर आप ज्यादा रिस्क उठाने को तैयार हैं तो आपको निश्चित तौर पर मिड कैप फंड में निवेश करना चाहिए। लेकिन इसमें आपको लंबे लक्ष्यों को निर्धारित करना होगा क्योंकि कम समय में ये आपको नुकसान दे सकते हैं।

जो व्यक्ति अपनी रिटायरमेंट लाइफ के करीब है या रिटायर हो चुके हैं उनके लिए Midcap Investment एक अच्छा विकल्प नहीं होगा। इस प्रकार जो निवेशक लंबे समय के लिए निवेश कर सके उन्हें मिडकैप म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना चाहिए।

मिडकैप फण्ड के फायदे (Midcap Fund Advantages)

1. लार्ज कैप फंड की तुलना में ज्यादा रिटर्न

मिडकैप फण्ड में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा है कि यह आपको लम्बी अवधि में लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न बनाकर दे सकते हैं।  इसका कारण है की लार्ज कैप फंड्स बड़ी कंपनीज में निवेश करते हैं जो कि स्थायित्व प्राप्त कर चुकी होती है। इनमें अब बड़ी ग्रोथ की संभावनाएं नहीं रहती।

2.  स्मॉल कैप की तुलना में कम रिस्क 

अगर आप अच्छे रिटर्न्स के लिए हाई रिस्क के साथ स्मॉल कैप फंड में निवेश नहीं करना चाहते तो आप मिडकैप फंड्स में निवेश कर सकते हैं।  ये फंड्स स्मॉल कैप फंड्स की तुलना में कम रिस्की होते हैं और अच्छा रिटर्न देने की क्षमता भी रखते हैं।

Midcap म्यूच्यूअल फण्ड चुनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

1. फंड की परफॉर्मेंस को evaluate करें

एक अच्छा म्यूच्यूअल फण्ड वहीं माना जाता है जो अपने पीयर्स और बेंचमार्क को न केवल बुल मार्केट में आउट परफॉर्म करें बल्कि बियर मार्केट में भी कम से कम गिरावट दिखाएं। आपको अपने मिडकैप के पिछले कुछ वर्षों के रिटर्न, रेटिंग, फण्ड मैनेजर आदि की जानकारी सही तरीके से प्राप्त कर लेनी चाहिए।

2. इन्वेस्टमेंट की अवधि

इक्विटी निवेश शॉर्ट टर्म में काफी वोलेटाइल हो सकते हैं। इसलिए मिड कैप फण्ड में आपको तभी निवेश करना चाहिए जब आप 8 से 10 वर्षों के लिए निवेश करने को तैयार है।

3. रिस्क

ऐसा नहीं है कि सभी मिडकैप कंपनियां लार्ज कैप कंपनी बनने को तैयार है। उनमें से कुछ कंपनियां बैंक्रप्ट/दिवालिया भी हो जाती है। ऐसी किसी कंपनी में म्यूच्यूअल फण्ड का निवेश होने से जोखिम हमेशा बना रहता हैं। इसलिए मिडकैप फण्ड में तभी निवेश करें जब आप रिस्क लेने को तैयार है।

Pro Tip – लम्बे समय के लिए निवेश करके हम लगभग रिस्क को समाप्त कर सकते हैं।

4. आपकी उम्र

Midcap funds हाई रिस्क के साथ आते हैं, इसलिए ये म्यूच्यूअल फण्ड केटेगरी युवा निवेशकों के लिए बेस्ट है। निवेश के लिए ज्यादा समय होने का फायदा ये है की लम्बे समय में रिस्क बिलकुल कम हो जाती हैं।

5. एक्सपेंस रेश्यो

ज्यादा एक्सपेंस रेश्यो आपके रिटर्न्स को खा जाता है। इसलिए मिडकैप म्यूच्यूअल फण्ड चुनते समय एक्सपेंस रेश्यो का जरूर ध्यान रखें। साथ ही एक्सपेंस रेश्यो को बचाने के लिए हमेशा म्यूच्यूअल फण्ड के डायरेक्ट प्लान में ही निवेश करें।

6. NFO में निवेश न करें 

जब भी कोई NFO (New fund offer) लांच हो उसमें निवेश ना करें। जब भी कोई नया फण्ड लांच होता है तो हम उसे किसी भी प्रकार से evaluate नहीं कर सकते। NFO आपके लिए ज्यादा रिस्की साबित हो सकता है।

जिस फण्ड को आप डाटा के साथ जांच सकें वो एक बढ़िया चॉइस हो सकता हैं।

मिडकैप फण्ड पर कितना टैक्स लगता हैं?

कभी भी निवेश करते समय टैक्स का ध्यान रखना आवश्यक है क्योंकि हमारे वास्तविक रिटर्न पोस्ट टैक्स के बाद हमेशा कम हो जाते हैं।  इसलिए मिडकैप फंड पर लगने वाले टैक्स की जानकारी आपको होनी आवश्यक है। इक्विटी फंड्स पर टैक्स आपके इन्वेस्टमेंट की अवधि पर निर्भर करता है।

– शॉर्ट टर्म कैपिटल गैन (STCG) – यदि आप अपने निवेश को, निवेश की तारीख से 1 वर्ष के भीतर बेच देते हो और आपको कोई लाभ होता है तो वह STCG के अंतर्गत टैक्सेबल होगा। ये टैक्स आपको लाभ पर 15% की दर से देना होता है।

– लॉन्ग टर्म कैपिटल गैन (LTCG) – अगर आप निवेश की तारीख से 1 वर्ष के बाद अपने निवेश को बेचते हो तो आपको 10% की दर से LTCG देना होता है। एक लाख रूपये तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गैन टैक्स फ्री होता है। उसके ऊपर के लाभ पर आपको टैक्स देना होता है।

निष्कर्ष

दोस्तों, अपने पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करने के लिए आपको अपने पोर्टफोलियो में एक मिडकैप म्यूच्यूअल फण्ड अवश्य रखना चाहिए।ये आपके रिस्क और रिटर्न को एक सही बैलेंस देता हैं।

आशा करता हूँ की आपको What is Midcap Funds की ये जानकारी पसंद आई होगी। आप अपने सवाल हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते हैं।

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FAQ 

  1. एक म्यूच्यूअल फण्ड पोर्टफोलियो में कितने मिडकैप होने चाहिए?

    आदर्श रूप से एक पोर्टफोलियो में एक मिडकैप फण्ड पर्याप्त होता हैं।

  2. मेरी उम्र 60 वर्ष हैं क्या मुझे मिडकैप फण्ड में निवेश करना चाहिए।

    मिडकैप में ज्यादा जोखिम होती हैं जो लम्बे समय में ही कम हो सकती हैं। इसलिए आपको मिडकैप में निवेश नहीं करना चाहिए।

  3. मिडकैप फण्ड में कितने रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता हैं?

    मिड कैप फण्ड में आप मात्र 500 रुपये से भी SIP की शुरुवात कर सकते हैं।

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