Multi Cap Fund क्या होते हैं | Multi Cap vs Flexi Cap Fund

हम म्यूच्यूअल फण्ड के द्वारा अपने गोल्स को प्राप्त करने के लिए अलग-अलग केटेगरी में निवेश करते हैं। इनमें से ही एक म्यूच्यूअल फण्ड केटेगरी हैं Multi Cap Fund जो की निवेशकों में काफी लोकप्रिय हैं।

आप लार्ज कैप, मिड कैप और स्माल कैप फंड्स में आप निवेश करते हो परन्तु कुछ निवेशकों के लिए ये फंड्स उनकी रिस्क पावर के मुताबिक नहीं होते। इस दुविधा में Multi Cap म्यूच्यूअल फण्ड आपको अतिरिक्त एज दे सकते हैं।

इसलिए आपके पोर्टफोलियो में एक Multi Cap Fund म्यूच्यूअल फण्ड अवश्य होना चाहिए। Multi Cap Fund केटेगरी में 2020 सेबी द्वारा कुछ परिवर्तन भी किये गए हैं।

आज इस आर्टिकल के द्वारा मैं आपको जानकारी दूंगा कि मल्टीकैप फंड्स क्या होते हैं, मल्टीकैप फंड्स के क्या फ़ायदे हैं और Multi Cap Fund और Flexi Cap Fund में क्या अन्तर होता हैं।

मल्टीकैप फण्ड क्या होते हैं – What is MultiCap Funds in Hindi

Multicap Fund meaning

जैसा कि इस फण्ड के नाम से ही पता चल रहा हैं मल्टीकैप फंड एक से अधिक कैटेगरी के फंड से मिलकर बना होता हैं जो कि अलग-अलग बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियां होती हैं। इसमें लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप तीनों का मिश्रण होता हैं।

अगर साधारण भाषा में समझे तो मल्टीकैप फंड लार्ज कैप, स्माल कैप और मिड कैप तीनों प्रकार के पूंजीकरण वाले स्टॉक्स में निवेश करते हैं।  इस प्रकार Multi Cap Funds आपको एक फंड में तीनों का फायदा देता हैं।

Multi Cap Fund एसेट एलोकेशन

एसेट एलोकेशन……?

ऐसेट एलोकेशन यानि कि फंड मैनेजर निवेशकों द्वारा म्यूच्यूअल फंड स्कीम में जमा कराए हुए पैसों को कहां-कहां इन्वेस्ट करेगा।

सेबी के नए नियमों के अनुसार मल्टी कैप फंड में लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप तीनों में 25-25% हिस्सा रखना होगा। फंड मैनेजर को न्यूनतम 75% इक्विटी और इक्विटी ओरिएंटेड फंड में निवेश रखना होगा।

मान लीजिये फण्ड मैनेजर के पास निवेशकों का कुल ₹100 हैं। यहाँ फण्ड मैनेजर को न्यूनतम ₹75 इक्विटी और इक्विटी ओरिएंटेड फंड में निवेश करना होगा। जिसमें 25-25 रुपये लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप तीनों में लगाना होगा।

Multi Cap Funds के फ़ायदे – (Benefits of Multi Cap Funds)

1. Flexibility – प्रत्येक बाज़ार पूंजीकरण वाली कंपनियों में निवेश करने के कारण मल्टी कैप केटेगरी काफी फ्लेक्सिबल होती हैं। फण्ड मैनेजर के पास किसी भी केटेगरी के फण्ड चुनने की आजादी रहती हैं।

2. मॉडरेट रिस्क – स्टॉक मार्केट में हमेशा volatility बनी रहती हैं जिससे इसमें नियमित उतार-चढ़ाव बना रहता हैं। ऐसे में निवेशक इस अस्थिरता से निज़ात पाने के लिए मल्टी कैप फंड्स में निवेश करते हैं।

जो निवेशक मॉडरेट रिस्क लेना पसंद करते हैं उनके लिए ये फंड्स बेस्ट माने जाते हैं।

3. Impactful – मल्टी कैप फंड्स ऐसे फंड्स होते हैं जो हाई मार्केट में ग्रोथ के ज्यादा अवसर तलाशते हैं। जबकि गिरते हुए मार्केट में नेगटिव इम्पैक्ट को कम से कम करने का प्रयास करते हैं।

4. हाई रिटर्न्स – Multi Cap Funds में अपने diversified पोर्टफोलियो के कारण रिटर्न देने की शानदार क्षमता होती हैं। ये फंड्स सभी प्रकार के निवेशकों के लिए बढ़िया माने जाते हैं।

Multi Cap Funds में कितना रिस्क होता हैं – (Risk in Multi Cap Funds)

अलग-अलग केटेगरी के स्टॉक्स में निवेश करने के कारण मल्टी कैप फंड्स में रिस्क diversify हो जाती हैं। मल्टी कैप फंड्स में मॉडरेट रिस्क होती हैं न तो रिस्क की मात्रा बहुत अधिक होती हैं न ही बहुत कम।

इनमें स्मॉल कैप फण्ड से कम और लार्ज कैप से ज्यादा रिस्क होती हैं। मॉडरेट रिस्क के कारण ये अन्य फंड्स के मुकाबले रिटर्न्स देने में काफी consistent होते हैं।

Multi Cap Funds vs. Flexi Cap Funds

सेबी द्वारा 2020 में मल्टी कैप के एसेट एलोकेशन में कुछ बदलाव किये गए और साथ ही एक नयी केटेगरी Flexi Cap Fund भी लांच की गई। Flexi Cap केटेगरी आने के बाद कई फण्ड हाउसेस ने अपनी मल्टी कैप फण्ड केटेगरी को फ्लेक्सी कैप फण्ड केटेगरी में बदल लिया। जैसे की –

Kotak Standard Multi Cap Fund –  Kotak Flexi Cap Fund

Parag Parikh Long Term Equity Fund –  Parag Parikh Flexi Cap Fund

Motilal Oswal Multi Cap 35 Fund –  Motilal Oswal Flexi Cap Fund

Multi Cap Funds और Flexi Cap Funds में अंतर

Multi Cap Funds Flexi Cap Funds
न्यूनतम इक्विटी और इक्विटी ओरिएंटेड फंड्स में निवेश 75% 65%
Fixed Allocation हाँ नहीं
Asset Allocation लार्ज कैप – 25% – मिड कैप – 25% – स्मॉल कैप – 25% फण्ड मैनेजर की इच्छानुसार

दोस्तों, मल्टी कैप फंड्स में एसेट एलोकेशन में कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं जबकि फ्लेक्सी कैप फंड्स में फण्ड मैनेजर अपनी इच्छानुसार लार्ज कैप, स्मॉल कैप और मिड कैप में निवेश कर सकता हैं।

वास्तविक रूप से देखा जाये तो पुरानी Multicap केटेगरी के जो फ़ीचर थे अब वे फ्लेक्सी कैप केटेगरी में डाल दिए गए हैं। इसलिए कई फण्ड हाउस को अपनी पुरानी Multi Cap केटेगरी वाली स्कीम को फ्लेक्सी कैप केटेगरी में बदलना पड़ा खासतौर पर जिनका AUM बहुत ज्यादा हो चुका था।

किन निवेशकों को मल्टी कैप फंड्स में निवेश करना चाहिए?

मल्टी कैप फंड्स में स्मॉल कैप फंड्स के मुकाबले में कम जबकि लार्ज कैप से ज्यादा रिस्क होती हैं। रिस्क और रिटर्न हमेशा एक साथ चलते हैं। आपके द्वारा ली गई रिस्क के हिसाब से ही आपको रिटर्न मिलेंगे।

ज्यादा रिस्क से ज्यादा रिटर्न मिलने की सम्भावना रहती हैं। यदि आपको ब्लू चिप फंड्स से ज्यादा रिटर्न चाहिए साथ में आप स्मॉल कैप फंड्स जितनी रिस्क भी नहीं ले सकते तो आपके लिए मल्टी कैप फण्ड बेस्ट विकल्प हो सकता हैं। साथ में ये आपके पोर्टफोलियो को विविधता भी प्रदान करता हैं।

मल्टी कैप फण्ड को हमेशा लॉन्ग टर्म विज़न के हिसाब से ही खरीदना चाहिए।

क्या आपको Flexi Cap Funds में निवेश करना चाहिए?

अगर आप एक ऐसी स्कीम चाहते हो जिसमें फंड मैनेजर के ऊपर कोई प्रतिबंध नहीं हो की उसे कितना प्रतिशत किस प्रकार के फंड्स में निवेश करना हैं। Flexi Cap फंड्स चुनने में स्वतंत्र होते है जिससे फंड मैनेजर अपनी इच्छा अनुसार अच्छे अवसर वाले स्टॉक्स में आपका पैसा निवेश कर सकता है।

फ्लेक्सी कैप फंड्स में भी मॉडरेट रिस्क होती हैं। अगर आप सभी प्रकार की केटेगरी वाले स्टॉक्स का एक्सपोज़र अपने पोर्टफोलियो में चाहते हैं तो आप निश्चित तौर पर फ्लेक्सी कैप फण्ड का चयन कर सकते हैं।

Multi Cap Fund की सीमाएं – Limitations

मल्टी कैप फंड्स में निवेश करने के कई फायदे हैं तो इसकी कुछ सीमाएं भी हैं।

  • इसमें फण्ड मैनेजर को स्टॉक्स के चयन को लेकर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता हैं। फण्ड मैनेजर को न्यूनतम हिस्सा सभी केटेगरी में allocate करना ही पड़ता हैं।
  • फण्ड की साइज ज्यादा बड़ी हो जाने पर फण्ड मैनेजर को फण्ड एलोकेशन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता हैं।
  • सभी बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों में समान फण्ड बंटवारे के कारण रिस्क की मात्रा बढ़ सकती हैं। साथ में रिटर्न्स पर भी नकारात्मक प्रभाव देखे जा सकते हैं।

Flexi Cap Fund की सीमाएं – Limitations

फण्ड चुनने की स्वतंत्रता के कारण फंड मैनेजर के म्यूच्यूअल फंड पोर्टफोलियो में एक ही प्रकार की कैटेगरी के स्टॉक्स की संख्या ज्यादा हो सकती है।

जैसे की अगर आपके फ्लेक्सी कैप फंड में लार्ज कैप फंड्स की अधिकता है तो आपको फ्लेक्सी कैप का कोई फायदा नहीं मिलेगा। इसमें आपका पोर्टफोलियो फ्लेक्सी कैप फण्ड की जगह लार्ज कैप ओरिएंटेड ज्यादा होगा। इस प्रकार इसमें आपको एक कैटेगरी के फंड ज्यादा मिल सकते हैं जिससे आपके रिटर्न पर नेगेटिव प्रभाव पड़ सकता है।

Multi Cap Funds के रिटर्न

रिटर्न की बात की जाये तो हम कुछ लोकप्रिय मल्टी कैप फंड्स के वास्तविक रिटर्न्स के डाटा से देखते हैं।

म्यूच्यूअल फण्ड (रेगुलर प्लान) 3 Yr.  5 Yr. 10 Yr.
ICICI Prudential Multi Cap Fund 8.66% 12.58% 14.34
Nippon India Multi Cap Fund 6.12% 10.29% 11.85%
Principal Multi Cap Growth Fund 6.65% 14% 13.04%

इस प्रकार देखा जाये तो 10 वर्षों में मल्टी कैप फण्ड एवरेज 12 से 13% रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं। डायरेक्ट प्लान में आपको 1 से 2% रिटर्न ज्यादा देखने को मिल सकते हैं। अब फण्ड एलोकेशन में परिवर्तन आने के बाद देखनी वाली बात होगी की रिटर्न्स कैसे होंगे।

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निष्कर्ष

Multicap म्यूच्यूअल फण्ड केटेगरी एक शानदार म्यूच्यूअल फण्ड केटेगरी हैं जो हमेशा से निवेशकों की पहली पसंद रही हैं। आप भी निश्चित तौर पर किसी बढ़िया मल्टी कैप फण्ड में लम्बी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं।

तो दोस्तों, आज आपने जाना की What is Multicap mutual fund और Multicap Fund meaning।

अगर जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले।

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