Flexi Cap Fund क्या हैं ! नई म्यूच्यूअल फण्ड केटेगरी

हाल ही में सेबी ने म्यूच्यूअल फंड में एक नई केटेगरी लांच की हैं। यह कैटेगरी Flexi Cap Fund के नाम से लांच की गई हैं। Flexi Cap Fund एक नई mutual fund केटेगरी हैं जो हाल ही में लांच की गई हैं। सितंबर 2020 में सेबी द्वारा मल्टीकैप फंड्स के नियमों में भारी बदलाव किया गया था। जिसके बाद से ही Multi Cap केटेगरी इतनी आकर्षक नहीं रह गई थी। निवेशकों में multi cap में हुए परिवर्तनों से थोड़ी निराशा थी परन्तु सेबी ने जल्द ही वैसी ही नई केटेगरी लांच करके वो समस्या भी समाप्त कर दी। 

मल्टी कैप में सभी बदलाव फंड हाउसेस को फरवरी 2021 से पहले करने थे। इन सभी को मध्य नजर रखते हुए ही Flexi Cap केटेगरी फंड लॉन्च किया गया है।

Flexi Cap Fund क्या हैं (What is Flexi Cap Fund)

नई कैटेगरी Flexi Cap Fund पुरानी मल्टीकैप स्कीम की तर्ज पर ही निकाली गई है। Flexi Cap Fund जैसा कि इसके नाम से ही पता चल रहा है यह कैटेगरी अपने फंड चुनने के लिए स्वतंत्र या फ्लैक्सिबल रहती हैं।

Flexi Cap Fund कैटेगरी में 65% हिस्सा (allocation) इक्विटी और इक्विटी ओरिएंटेड फंड में रहेगा। इस 65% में बिना किसी पूर्व निर्धारित सीमा के लार्ज कैप, मिड कैप या स्माल कैप में फंड मैनेजर की इच्छा अनुसार निवेश किया जा सकता है। Flexi Cap Fund में multi cap fund जैसे फिक्स्ड एलोकेशन का नियम नहीं रखा गया हैं।

क्यों आवश्यकता पड़ी Flexi Cap Fund की

देखिए दोस्तों जैसा कि ऊपर बताया गया है कि सितंबर 2020 में मल्टी कैप केटेगरी के नियमों में बदलाव किया गया था। अब नए नियमों के कारण मल्टीकैप को मैनेज करने वाले फंड मैनेजर्स के सामने 25% का समान एलोकेशन लागू करने की दुविधा खड़ी हो गई थी।

इसे हम एक उदाहरण की सहायता से समझने का प्रयास करते हैं। मान लिजिए किसी multi cap म्यूच्यूअल फण्ड में लगभग 40% तक का हिस्सा लार्ज कैप फंड में निवेश किया हुआ हैं। अब नए नियमों के अनुसार मल्टी कैप केटेगरी में 75% निवेश इक्विटी या इक्विटी ओरिएंटेड फंड्स में होना चाहिए। जिसमें लार्ज कैप, स्मॉल और मिडकैप तीनों में समान 25% निवेश करना होगा।

अब यहां इस उदाहरण में फंड मैनेजर को लार्ज कैप को 40% से घटाकर 25% तक लाने में काफी दुविधा हो सकती है। साथ ही उसे release हुए पैसे से नए स्टॉक्स का चयन भी करना होगा। अगर फंड मैनेजर को ऐसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो वह अपनी मल्टी कैप फंड केटेगरी को रीकैटिगराइज कर सकते हैं। जिसका ताजा उदाहरण है Motilal Oswal Multicap 35 प्लान जो कि पहले एक मल्टी कैप प्लान था जो अब Flexi Cap Fund प्लान होगा।

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निवेशकों की परेशानी

अगर कोई निवेशक कोई पुरानी मल्टीकैप फंड स्कीम में निवेश कर रहा था और उसकी स्कीम अच्छा प्रदर्शन कर रही थी। परंतु सेबी के नए क्लासिफिकेशन के बाद निवेशकों को डर था कि उन्हें अब क्या करना चाहिए उनके पास दो विकल्प मौजूद है या तो वे पुरानी मल्टीकैप स्कीम में बने रहे या उसे एग्जिट कर दें और कोई सामान पोर्टफोलियो वाली Flexi Cap Fund स्कीम का चुनाव कर ले।

AMC/ Fund House के पास विकल्प

सेबी ने यहां AMC/ Fund Houses को विकल्प दिया है कि वह पुरानी multi cap स्कीम में बिना किसी बदलाव के reclassification कर सकते हैं। यानि मल्टी कैप फण्ड को Flexi Cap Fund स्कीम  में परिवर्तित कर सकते हैं। अगर वह ऐसा करते हैं तो उन्हें पुराने निवेशकों को स्कीम से एग्जिट करने के लिए 30 दिन का समय देना होगा वह भी बिना किसी एग्जिट लोड के।

निष्कर्ष

अगर आप किसी मल्टीकैप फंड में निवेश कर रहे हैं वह फण्ड अच्छा प्रदर्शन कर रहा है तो आप पुरानी स्कीम के साथ बने रह सकते हैं। यदि पुराना मल्टी कैप फण्ड Flexi Cap Fund में भी परिवर्तित किया जाता है तो भी आप उसके साथ बने रह सकते हैं। परंतु अगर आप किसी नई लांच Flexi Cap Fund में निवेश करने की सोच रहे हैं तो मेरी राय के अनुसार आप हाल में इनसे दूर रहिए।

दोस्तों अगर आपको Flexi Cap Fund से सम्बंधित कोई भी सवाल हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते हैं।  

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