निवेश क्या होता हैं | इन्वेस्टमेंट क्यों करना चाहिए

पहला नियमित रूप से पैसा कमाना और उसे बैंक में या कैश में रखे रखना और दूसरा पैसा कमाना और उसे निवेश कर देना। यह दो अलग-अलग व्यक्तियों की कहानी हैं। यहां पहला व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से इतना पीछे रह जाएगा जो उसकी कल्पना से भी परे होगा। आखिर उस व्यक्ति ने ऐसा क्या किया जो पहले वाले व्यक्ति ने नहीं किया।

निवेश………………….Investment….!

यह आर्टिकल निवेश की धारणा को लेकर आपकी सोच बदल देना वाला आर्टिकल होगा। आज हम बात करेंगे कि निवेश क्या हैं, इन्वेस्टमेंट क्यों महत्वपूर्ण हैं और इन्वेस्टमेंट कहां करें। इसके अतिरिक्त निवेश से सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण सवाल जिनका उत्तर आपको समय रहते जानना बहुत आवश्यक हैं।

निवेश क्या होता हैं (What is Investment in Hindi)

आसान भाषा में इन्वेस्टमेंट का मतलब होता हैं अपने पैसों को ऐसी जगह डालना जो आपको भविष्य में कुछ रिटर्न कमा कर दें। इन्वेस्टमेंट को आप अपनी एक सम्पति (asset) भी मान सकते हैं जो आपके पैसे को ग्रो करने का काम करती हैं।

मान लेते हैं की आज आपके पास ₹100 पड़े हैं और आप इन्हें कहीं निवेश कर देते हैं। 5 वर्ष बाद में यह ₹150 बन जाते हैं। इस प्रकार आपने अपने लिए ₹100 को काम पर लगाया जिसने आपको अतिरिक्त ₹50 बना के दिए। इस तरह निवेश का अर्थ हुआ पैसे से पैसा कमाना।

निवेश एक सम्पति

एक निवेश ऐसी संपत्ति या वस्तु होती हैं जिसे आप आज पैसा खर्च करके बनाते हैं। इस निवेश के माध्यम से आपको भविष्य में आय या कैपिटल अप्प्रेसिअशन प्राप्त होता हैं।

इस प्रकार आपने जो निवेश किया हैं उसका फल आपको तुरंत नहीं मिलेगा। यह पैसा आपने कहीं लगा दिया हैं जिसका फल आपको धन के रूप में भविष्य में प्राप्त होगा।

अमीर लोग क्यों इन्वेस्टमेंट करते हैं?

आप कितना पैसा कमा रहे हो या आपकी सैलरी कितनी हैं? ये इतना महत्वपूर्ण नहीं हैं। मान लेते हैं आपकी मासिक आय ₹20,000 हैं और आपके दोस्त की आय ₹30,000 मासिक हैं। आपका दोस्त कहीं भी निवेश नहीं करता, वह अपनी बचत बैंक में रखता हैं। परंतु आप नियमित  रूप से निवेश कर रहे हैं तो 20 साल बाद आप अपने दोस्त से कई ज्यादा अमीर होंगे।

कैसे………………….?

  आप (निवेश म्यूच्यूअल फण्ड/स्टॉक मार्केट)  आपका दोस्त (बैंक सेविंग)
निवेश/सेविंग ₹4,000 मासिक ₹8,000 मासिक
रेट ऑफ़ रिटर्न 12% 3%
20 वर्ष के बाद कुल निवेश 9.60 लाख 19.20 लाख
परिपक्वता राशि 40 लाख  26.3 लाख 

ऊपर वाले उदाहरण में आपका दोस्त बचत कर रहा हैं जबकि आप निवेश कर रहे हैं। आपने अपने मित्र से आधी राशि निवेश करके भी उससे कहीं आगे पहुंच गए हैं। ये सब सही तरीके से किये गए निवेश का कमाल हैं।

अगर मुद्रास्फीति (inflation) की औसत दर 6% भी मानी जाए तो आपका दोस्त साल में -3% का रिटर्न बना रहा हैं जबकि आप 6% का रिटर्न कमा रहे हैं। मिस्टर वॉरेन बफेट इन्वेस्टिंग के दम पर ही अमीर बने हैं। अमीर लोग निरंतर रूप से निवेश करके अपनी वेल्थ को मेन्टेन रखते हैं। रिच डैड पुअर डैड के लेखक मिस्टर रॉबर्ट कियोस्की ने कहा हैं –

रॉबर्ट कियोस्की
वहीं व्यक्ति अमीर बनता हैं जो अपने पैसे को काम पर लगाता हैं। निवेश ही वो जरिया हैं जिससे की पैसे से पैसा बनता हैं।

Investment क्यों करें (Importance of Investment)

हमारे भारत में 16-17 साल पढ़ाई की जाती हैं ताकि हमें एक अच्छी नौकरी मिल सके। मान लेते हैं कि हमको नौकरी मिल भी गई लेकिन हमारी शिक्षा में हमें कभी ये नहीं सिखाया जाता कि हमारे कमाए पैसे को मैनेज कैसे करना हैं और इसे कैसे निवेश करना चाहिए। निवेश का महत्व वास्तव में हमें कभी सिखाया ही नहीं जाता।

(i) वेल्थ निर्माण में सहायक – अगर आप अपनी पहली कमाई के साथ ही या स्टूडेंट लाइफ के साथ अपना निवेश शुरू कर देते हैं तो आप 20 से 25 सालों में अच्छी-खासी सम्पति का निर्माण कर सकते हैं। अगर आप 25 वर्ष की आयु में ₹2,000 प्रति माह भी निवेश शुरू करें और उसे प्रत्येक वर्ष मात्र ₹100 से भी बढ़ाते जाएं। आपके पास 50 वर्ष की उम्र में 12% के वार्षिक रिटर्न से ₹50 लाख हो जाएंगे।

नियमित और अनुशासित निवेश वेल्थ निर्माण के लिए प्रथम नियम हैं।

(ii) Asset का निर्माण – सही तरीके से प्रबंधित निवेश से आपको कुछ समय बाद अपने निवेश से इतनी आय होने लग जाती हैं की आपको कोई नौकरी या व्यवसाय करने की भी जरूरत नहीं होती। कम्पाउंडिंग के कारण आपके निवेश और रिटर्न दोनों पर इनकम बनना शुरू हो जाती हैं। निवेश आपके लिए ऐसी संपत्ति बन जाता हैं जो आपके लिए 24 घंटे कार्य करता हैं।

(iii) मुद्रास्फीति से बचाव – अगर आप अपने बचत किये पैसों को बैंक या कैश में रखते हैं तो आपका पैसा रखे-रखे कम हो जाता हैं। जी हाँ, अगर कोई वस्तु आज आपको ₹100 में मिल रही हैं। मान लेते हैं ये वस्तु वर्ष भर बाद ₹110 की हो गई। तो क्या आपके बैंक में पड़े पैसे जो ब्याज से बढ़कर ₹103 हो गए हैं या नकद में पड़े ₹100 इस वस्तु को खरीद पाएंगे।

इसे खरीदने के लिए आपको ₹10 अतिरिक्त मिलाने होंगे। इसे ही मुद्रास्फीति (inflation) कहते हैं। मुद्रास्फीति में समय के अनुसार पैसों की purchasing पॉवर कम होती जाती हैं। मुद्रास्फीति की औसत दर 6% के आस-पास रहती हैं। इसलिए आपको मुद्रास्फीति से पार पाने के लिए निश्चित रूप से निवेश करना चाहिए।

(iv) लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक – एक अनुशासित और नियमित रूप से किये गए निवेश से आप अपने गोल्स को हांसिल कर सकते हैं। जैसे की आपको दस वर्ष बाद एक कार लेनी हैं। इसके लिए आज से ही एक निश्चित राशि प्रत्येक महीने निवेश करना शुरू कर दे। आप जो राशि निवेश करते जाएंगे वो आपके लिए रिटर्न बनाना शुरू कर देगी। इस फाइनेंसियल प्लानिंग तकनीक से पैसे से पैसे बनना चालू हो जाता हैं।

इन्वेस्टमेंट कहाँ करें / निवेश के प्रकार

निवेश की जानकारी के बाद अगला सवाल आता हैं की निवेश कहाँ करें? आपको किस इन्वेस्टमेंट के प्रकार में निवेश करना चाहिए ये आपके लक्ष्यों और रिस्क लेने की क्षमता पर अधिक निर्भर करता हैं।

मैं आपको कुछ लोकप्रिय इन्वेस्टमेंट के विकल्प बता रहा हूँ जिनमें आप निवेश कर सकते हैं।

(1) स्टॉक मार्केट – शेयर मार्केट निवेश करने का सबसे बढ़िया तरीका हैं बशर्ते आपको अच्छी जानकारी हो की अच्छे शेयर कैसे चुनें जाते हैं। वारेन बफे, राकेश झुनझुनवाला आदि ऐसे व्यक्ति हैं जो शेयर बाजार से ही अमीर बने हैं।

शेयर मार्केट में जानकारी के अभाव में किया गया निवेश काफी ज्यादा रिस्की हो सकता हैं। इसलिए सही जानकारी और रिसर्च के आधार पर ही स्टॉक मार्केट में निवेश करें। डायरेक्ट स्टॉक मार्केट में आप लम्बी अवधि में 15% के रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। शेयर बाजार में निवेश करने के लिए आपके पास एक डीमैट अकाउंट होना जरुरी हैं।

(2) म्यूच्यूअल फण्ड – अगर आप डायरेक्ट स्टॉक मार्केट में निवेश नहीं करना चाहते तो आप म्यूच्यूअल फंड्स में भी इन्वेस्ट कर सकते हैं।  म्यूच्यूअल फंड्स स्टॉक मार्केट में निवेश करने का एक इनडायरेक्ट तरीका हैं। म्यूच्यूअल फण्ड में अनेक लोग मिलकर निवेश करते हैं जिसे एक पेशेवर फण्ड मैनेजर द्वारा प्रबंधित किया जाता हैं।

म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार में बहुत विविधता होती हैं जिसे आप अपने लक्ष्यों और आवश्यकता के अनुसार चुन सकते हैं। म्यूच्यूअल फण्ड में 12 से 13% के वार्षिक रिटर्न देने की क्षमता होती हैं।

(3) गोल्ड – अब बात करते हैं भारत के सबसे लोकप्रिय निवेश गोल्ड की। गोल्ड में भी निवेश में एक अच्छा विकल्प माना जाता हैं। वर्षों से गोल्ड लगातार एक कंसिस्टेंट परफ़ॉर्मर रहा हैं। लंबे समय में गोल्ड 8 से 9% के आसपास रिटर्न दे सकता हैं। ये रिटर्न स्टॉक मार्केट से काफी कम हैं लेकिन इसमें रिस्क भी बहुत कम हैं। अगर आप गोल्ड में निवेश करना चाहते हैं तो फिजिकल गोल्ड की जगह डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में इन्वेस्ट करना अधिक फायदेमंद होगा।

(4) रियल एस्टेट – रियल एस्टेट भी बहुत ही अच्छा निवेश विकल्प हैं, जिसमें कम समय में शानदार कैपिटल अप्प्रेसिअशन प्राप्त हो सकता हैं।  रियल एस्टेट में निवेश के लिए बहुत ज्यादा पैसों की आवश्यकता होती हैं। इस वजह से प्रत्येक व्यक्ति इसमें निवेश नहीं कर पाता। परन्तु अगर आप निवेश करने की स्थिति में हैं तो आप निवेश का कुछ हिस्सा रियल एस्टेट में कर सकते हैं।

(5) पीपीएफ अकाउंट पब्लिक प्रोविडेंड फण्ड खाता भारत सरकार द्वारा नागरिकों के लिए बचत के साथ टैक्स सेविंग के लिए लाई गई योजना हैं। पीपीएफ अकाउंट में आपको एक निश्चित ब्याज दर प्राप्त होती हैं जो समय-समय पर बदलती रहती हैं। इसमें आपको 7 से 8% का रिटर्न तो मिल ही जाता हैं। साथ ही ये रिटर्न टैक्स फ्री भी होता हैं। PPF में आप टैक्स बचाने के साथ-साथ 15 वर्ष के लॉक-इन-पीरियड में अच्छी मैच्योरिटी भी प्राप्त कर सकते हैं।

(6) बॉन्ड और फिक्स्ड डिपाजिट – आप अपने पैसों को बॉन्ड्स में भी निवेश कर सकते हैं। बॉन्ड में आपके पास गवर्नमेंट बॉन्ड्स और कॉरपोरेट बॉन्ड्स का विकल्प होता है। बॉन्ड एक सर्टिफिकेट के रूप में होता हैं जिसे आप पैसे उधार देके खरीदते हैं। ये एक निश्चित ब्याज दर के साथ ऑफर किए जाते हैं जिनमें एक निश्चित मेच्योरिटी डेट होती है। बॉन्ड्स में रिस्क बहुत कम होता हैं।

इसके अतिरिक्त आप बैंक एफडी में भी निवेश कर सकते हैं। मेरी राय में आपको बैंक फिक्स्ड डिपाजिट में इमरजेंसी फंड के अतिरिक्त ज्यादा राशि रखने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि बैंक एफडी में ब्याज दर बहुत ही कम होती है जो कि मुद्रास्फीति की दर से भी कम होती है।

(7) NPS – भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रीय पेंशन योजना भी एक बहुत बढ़िया सेविंग कम रिटायरमेंट योजना है। अगर आप इन्वेस्टमेंट के साथ-साथ रिटायरमेंट प्लानिंग करना चाहते हैं तो आप एनपीएस में भी निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम में 60 वर्ष की उम्र के बाद आपको एन्युटी के माध्यम से पेंशन भी मिलती है। NPS योजना में अनेक टैक्स बेनिफिट भी प्राप्त होते हैं।

उपरोक्त बताए गए निवेश विकल्पों के अतिरिक्त भी अनेक इन्वेस्टमेंट विकल्प मौजूद है जैसे कि अटल पेंशन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना इनमें भी आप निवेश कर सकते हैं।

निवेश के प्रकार (Types of Investment)

वैसे निवेश को कई अलग-अलग भागों में बांटा जा सकता हैं। पंरतु मुख्य रूप से निवेश 2 प्रकार के होते हैं।

(i) सुरक्षित निवेश – इस प्रकार के निवेश विकल्पों में रिस्क नहीं होता हैं या नाममात्र का रिस्क होता हैं। इसमें निम्न इन्वेस्टमेंट ऑप्शन आते हैं –

  • PPF
  • फिक्स्ड डिपाजिट
  • रियल एस्टेट
  • राष्ट्रीय बचत पत्र
  • गोल्ड
  • सुकन्या समृद्धि योजना
  • अटल पेंशन योजना

(ii) असुरक्षित निवेश – ऐसे निवेश ऑप्शन जो जोखिम भरे होते हैं असुरक्षित निवेश की केटेगरी में आते हैं। इनमें हाई रिस्क के साथ ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता होती हैं।

  • स्टॉक मार्केट
  • म्यूच्यूअल फण्ड
  • बॉन्ड्स

Investment से लाभ कैसे प्राप्त होता हैं?

आपके किये गए निवेश से आपको अलग-अलग तरीके से लाभ प्राप्त होता हैं। जैसे –

  • कैपिटल अप्प्रेसिअशन
  • डिविडेंड
  • ब्याज
  • रियल एस्टेट से किराया (Rent)

क्या इन्वेस्टमेंट से हमेशा लाभ प्राप्त होता हैं?

यह कहना उचित नहीं होगा की आपके किसी भी से इन्वेस्टमेंट से आपको लाभ भी प्राप्त होगा। बिना सही जानकारी और सही रिसर्च के किया गया निवेश नुकसान भी दे सकता है। नुकसान की संभावना निश्चित ब्याज दर वाले निवेश विकल्पों के अतिरिक्त सभी निवेश विकल्पों में होती है जैसे की स्टॉक मार्केट, म्यूच्यूअल फंड, रियल एस्टेट। लेकिन प्रॉपर रिसर्च के साथ किया गया निवेश आपको अच्छे रिटर्न भी दे सकता है।

निवेश और बचत में क्या अंतर हैं?

निवेश और बचत में भी अंतर होता है जिसे आपको जानना आवश्यक है। जब आप अपनी आय के कुछ हिस्से को बैंक में या कैश में बचा कर रखते हो तो इसे बचत कहा जाता है। बचत आपके निकट भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए की जाती है। वही निवेश में आप पैसों को बैंक में न रखकर कहीं दूसरे इन्वेस्टमेंट विकल्पों में निवेश कर देते हैं जिससे कि आपको लॉन्ग टर्म में मुनाफा होता है।

निवेश के माध्यम से आप भविष्य की आवश्यकतों को पूरा कर सकते हैं जैसे लॉन्ग टर्म में हायर एजुकेशन, घर बनाना, शादी।

निवेश कब शुरू करें?

निवेश का सही लाभ आपको तभी प्राप्त होगा जब आप सही समय पर अपना निवेश शुरू करेंगे। निवेश शुरू करने के लिए कोई निश्चित उम्र नहीं है लेकिन इसे जितना जल्दी शुरू किया जाए उतना ही बढ़िया होता है। विश्व के महानतम निवेशक वॉरेन बफे ने मात्र 11 वर्ष की उम्र में निवेश प्रारंभ कर दिया था जिसके बदौलत आज वे विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों में शामिल है।

आपको भी कम उम्र से ही आदर्श रूप से 25 वर्ष की उम्र में तो निवेश प्रारंभ कर देना चाहिए। अगर आप एक स्टूडेंट हैं तो आप ₹100 या ₹500 हर महीने बचाकर अपने निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। कम उम्र में निवेश शुरू करने से आपके पास में अपने निवेश को लंबे समय तक होल्ड करने का समय होता है। अगर आप 20 वर्ष की उम्र में ₹500 प्रति महीना निवेश करेंगे तो 60 वर्ष की उम्र में एक करोड रुपए आराम से बन सकता है।

निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

पूर्ण तैयारी के साथ किया गया इन्वेस्टमेंट हमेशा ज्यादा असरदार होता है। निवेश करने से पहले आपको नीचे दिए गए पॉइंट्स का ध्यान रखना आवश्यक है।

1. इन्वेस्टमेंट ऑब्जेक्टिव को समझे – निवेश करने से पहले आपको अपने लक्ष्यों के बारे में क्लियर होना आवश्यक है। आपको किसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए, रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए या वेल्थ निर्माण के लिए निवेश करना हैं उसके बारे में सही जानकारी होनी चाहिए जिससे आप उसके लिए बेस्ट विकल्प चुन सकेंगे।

2. रिस्क लेने की क्षमता – आप अपने रिस्क लेने की क्षमता को देखिए आप कितनी रिस्क उठा सकते हैं। अगर आपकी उम्र 50 वर्ष से ज्यादा है तो आपको सुरक्षित निवेश के साथ ज्यादा जाना चाहिए। वही आपकी उम्र कम है तो आप रिस्की इन्वेस्टमेंट के साथ भी शुरुआत कर सकते हैं।

3. निवेश को समझे – जिस निवेश विकल्प की आपको सही समझ नहीं हैं उसे करने से आपको बचना चाहिए। जैसे की आपको स्टॉक मार्केट की बिल्कुल जानकारी नहीं हैं तो आपको पहले अपने ज्ञान का विस्तार करना चाहिए फिर निवेश करना चाहिए।

4. लंबे समय तक निवेशित रहे – जितने लंबे समय तक आप निवेशित रहेंगे पावर ऑफ कंपाउंडिंग का बेनिफिट उतना आपको मिलेगा।

5. पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करें – फाइनेंस में एक कहावत है कि “कभी भी अपने सभी अंडे एक टोकरी में नहीं रखें”। अपना संपूर्ण पैसा किसी एक निवेश प्लान में लगाने के बजाय अलग-अलग निवेश प्लान में लगाएं। इससे रिस्क अलग-अलग विकल्पों में बंटकर कम हो जाता है

निष्कर्ष

निवेश करना एक बहुत ही अच्छी आदत हैं। निवेश के माध्यम से एक सैलरी क्लास व्यक्ति भी अमीर हो सकता है अगर निवेश लंबी अवधि के लिए किया गया हैं। लंबी अवधि में आपको अपनी आशा के अनुरूप भी रिटर्न प्राप्त हो जाते हैं।

दोस्तों, आशा करता हूं कि निवेश क्या हैं या इन्वेस्टमेंट क्या हैं, की ये जानकारी आपको अच्छी लगी होगी। अगर आपके कोई सवाल या सुझाव है तो आप मुझे कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते हैं। यदि आपको यह आर्टिकल कुछ काम का लगा हो तो इसे सोशल मीडिया नेटवर्क्स पर जरूर शेयर करें।

FAQ : (Investment क्या हैं) 

  1. निवेश किसे कहते हैं?

    निवेश का अर्थ होता है की अपने पैसों को ऐसी जगह लगाना जहां से भविष्य में आपके पैसे से पैसा बने। यानी कि आपको ज्यादा पैसा मिले।

  2. निवेश कितने प्रकार के होते हैं?

    निवेश मुख्यतः अल्पकालीन, दीर्घकालीन, सुरक्षित और असुरक्षित प्रकार के होते हैं।

  3. लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट में से कौनसा इन्वेस्टमेंट करना चाहिए?

    रिटर्न के हिसाब से लॉन्ग टर्म निवेश ही अधिक रिटर्न दे सकता हैं। लम्बी अवधि में रिटर्न्स में पॉवर ऑफ़ कम्पाउंडिंग भी देखी जाती हैं।

  4. कौनसा निवेश प्लान सबसे अधिक रिटर्न देता हैं?

    स्टॉक मार्केट और रियल एस्टेट में रिटर्न देने की जबरदस्त क्षमता होती हैं। परन्तु स्टॉक मार्केट में रिस्क भी सबसे ज्यादा होता हैं।

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