म्यूचुअल फंड सही है या गलत

म्यूचुअल फंड सही है या गलत, क्या म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना चाहिए? क्या वास्तव में म्यूच्यूअल फण्ड से कमाई की जा सकती हैं?

वर्तमान समय में म्यूचुअल फंड निवेश करने के हिसाब से सबसे बेहतरीन विकल्प माना जाता है। पांच साल पहले तक म्यूच्यूअल फंड का मार्केट में इतना क्रेज नहीं था। परंतु पिछले दो-तीन साल में म्यूचुअल फंड काफी तेजी से उभरा है जिसकी वजह से ये निवेशकों की पहली पसंद हो चुका है।

पहले के समय में लोग निवेश के नाम पर सिर्फ फिक्स्ड डिपॉजिट, गोल्ड और रियल स्टेट में ही निवेश करते थे। परंतु अब म्यूच्यूअल फंड ने भी इस निवेश में जगह बना ली है और इसके रिटर्न्स भी काफी अच्छे होते हैं। जिसकी वजह से ये निवेशकों को काफी पसंद भी आ रहा है।

लेकिन दोस्तों, कई नए निवेशकों के मन में यह सवाल भी होता है की क्या म्यूचुअल फंड में निवेश करना सही है या म्यूचुअल फंड सही है या गलत। तो इन सभी संदेहों का निवारण आज आपको इस आर्टिकल में मिल जाएगा। जिसमें हम विस्तार से बात करेंगे और आपको समझाएंगे कि म्यूचुअल फंड सही है या गलत। तो चलिए दोस्तों इस इंटरेस्टिंग आर्टिकल के साथ में बने रहिए।

म्यूचुअल फंड सही है या गलत

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भारत में अधिकतर लोग शेयर मार्केट को एक जुआ समझते हैं और वे इसे सट्टा बाजार समझकर निवेश करना पसंद नहीं करते। वैसे ही म्यूच्यूअल फंड भी बिल्कुल स्टॉक मार्केट के ऊपर ही निर्भर करता है। इस वजह से लोग म्यूचुअल फंड में भी  निवेश करने से घबराते हैं।

यदि आपके मन में भी यह सवाल पैदा हो रहा है कि म्यूचुअल फंड सही है या गलत तो आपका यह सवाल वाजिब है। क्योंकि किसी भी निवेश विकल्प में निवेश करने से पहले हमें उसके सभी लाभ और हानि अच्छे से समझ लेने चाहिए। 

लेकिन दोस्तों, निवेश करना आज के समय में बहुत जरूरी हो गया है। इसलिए हमें कोई ना कोई विकल्प तो अवश्य तलाशना होगा। तो हम पॉइंट वाइज समझने का प्रयास करते हैं कि म्यूचुअल फंड सही है या गलत।

1. सेविंग करने की आदत

अधिकतर लोग सेविंग के नाम से बहुत ज्यादा कतराते हैं। वे सेविंग को रोज़ टालते रहते हैं। लेकिन हम अच्छी तरह से जानते हैं कि भविष्य को सुधारने के लिए आज से ही सेविंग करना बहुत जरूरी है। इसलिए म्यूचुअल फंड में यदि आप निवेश करते हैं तो आपकी सबसे अच्छी आदत हो जाएगी कि आप अपने आप बचत करने लग जाएंगे।

क्योंकि SIP मोड एक ऐसा तरीका होता है जिसमें प्रत्येक महीने की एक निश्चित तारीख को आपका पैसा आपके बैंक से कटकर म्यूचुअल फंड में जमा हो जाता है। इससे आपकी सेविंग की आदत पड़ जाती है और धीरे-धीरे आपकी वेल्थ का निर्माण होने लगता है।

2. कम पूंजी से निवेश की शुरुवात

मार्केट में अधिकतर निवेश विकल्प ऐसे हैं कि जिसमें आपको निवेश की शुरुआत करने के लिए काफी अधिक पूंजी की आवश्यकता पड़ती है जैसे कि रियल एस्टेट, गोल्ड। परंतु म्यूच्यूअल फंड में आप मात्र ₹500 से भी SIP की शुरुआत कर सकते हैं। यहां तक की कई फण्ड हाउस तो ₹100 से भी SIP की शुरुवात कर सकते हैं। 

इसमें आपको बहुत ही कम राशि की आवश्यकता होती है जिससे कि आप थोड़ा-थोड़ा करके अपनी संपत्ति का निर्माण कर सकते हैं। ये एक म्यूच्यूअल फंड का सबसे बड़ा प्लस पॉजिटिव है।

3. एक्सपर्ट्स के द्वारा मैनेज

यदि आप म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करते हैं तो आपका म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो एक्सपर्ट्स के द्वारा मैनेज किया जाता है।  जब आप स्वयं स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं तो आपके निर्णय गलत हो सकते हैं।

लेकिन जो फंड मैनेजर आपके म्यूचुअल फंड निवेश को हैंडल करते हैं वे काफी एक्सपर्ट और अनुभवी होते हैं। इस वजह से उनके निर्णय गलत होने की संभावना कम होती है। इसलिए म्यूच्यूअल फण्ड लॉन्ग टर्म में आपको अच्छे रिटर्न बना कर देते हैं।

बहुत ही कम कम लागत पर प्रोफेशनल फंड मैनेजर की सुविधा मिल जाने की वजह से म्यूचुअल फंड सही है या गलत की उलझन में म्यूचुअल फंड सही दिखाई देते हैं। 

4. आपके पैसों की सम्पूर्ण सुरक्षा

कई निवेशक म्यूचुअल फंड में निवेश करने से घबराते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके पैसे लेकर कोई भाग गया तो? लेकिन दोस्तों, इसमें आपको घबराने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।

म्यूच्यूअल फंड कंपनियों को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और एसोसिएशन ऑफ म्यूच्यूअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) जैसी एजेंसियों द्वारा मैनेज किया जाता है। सेबी इस मार्केट का रेगुलेटर भी है।

सेबी उन्हीं को लाइसेंस प्रदान करता है जो कि उसकी सभी टर्म एंड कंडीशन पर खरे उतरते हैं। म्यूच्यूअल फण्ड कंपनियों को लाइसेंस उसी तरह दिया जाता है जैसे कि आरबीआई के द्वारा बैंकों को दिया जाता है।

इसलिए इसमें आपका पैसा लेकर भागने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता। यदि कंपनी शट डाउन भी होती हैं तो वो पहले निवेशकों का पैसा लौटाने को बाध्य होती हैं। इसलिए इस पॉइंट को लेकर म्यूचुअल फंड में निवेश सही माना जा सकता है।

5. बेहतरीन रिटर्न्स और पॉवर ऑफ़ कम्पाउंडिंग का फायदा

म्यूचुअल फंड सही है या गलत इसका अंदाजा आपको उसके रिटर्न से लगेगा। म्यूचुअल फंड के रिटर्न्स लॉन्ग टर्म में 12 से 15% के हो सकते हैं जो कि बाकी सभी एसेट क्लास जैसे कि गोल्ड, रियल एस्टेट, पीपीएफ, फिक्स्ड डिपॉजिट सबसे ज्यादा है। इसलिए रिटर्ंस के हिसाब से तो म्यूचुअल फंड सही है।

दूसरा यह कि म्यूचुअल फंड में आपको पावर आफ कंपाउंडिंग का बेनिफिट देखने को मिलता है। जितने लम्बे समय के लिए आप अपने इन्वेस्टमेंट को होल्ड करेंगे उतना आपके इन्वेस्टमेंट की वैल्यू तेजी से बढ़ेगी। पावर आफ कंपाउंडिंग की वजह से ही म्यूच्यूअल फंड इतना लोकप्रिय है।

6. डाइवर्सिफाइड इन्वेस्टमेंट

जब आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो ऐसा नहीं है कि आप सिर्फ एक ही एसेट क्लास में निवेश कर रहे हैं। एक म्यूच्यूअल फंड का इन्वेस्टमेंट डेट फंड, इक्विटी फंड में हो सकता है।

इक्विटी म्यूचुअल फंड में 40-50 स्टॉक्स तक भी हो सकते हैं। यदि कोई एक स्टॉक में नुकसान भी होता है तो बाकी स्टॉक आपके नुकसान को कवर कर लेते हैं। इसलिए यहां पर निवेश में विविधता रहती है। डायवर्सिफिकेशन की वजह से आपकी रिस्क काफी कम हो जाती है। तो इस हिसाब से भी म्यूचुअल फंड सही माना जा सकता है।

7. म्यूच्यूअल फण्ड निवेश करना आसान

आज के इंटरनेट युग में म्यूचुअल फंड में निवेश करना बहुत आसान है। आप आसानी से डायरेक्ट म्यूच्यूअल फंड हाउस की वेबसाइट से या किसी मोबाइल ऐप के माध्यम से म्यूच्यूअल फंड खरीद सकते हैं।

कई निवेशक यह सोचते रहते हैं कि आखिर म्यूच्यूअल फण्ड कैसे खरीदें । लेकिन आप अपस्टॉक्स के माध्यम से म्यूचुअल फंड खरीद सकते हैं और आसानी से मैनेज कर सकते हैं। इसका लिंक नीचे दिया गया है जहां से आप म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कर सकते हैं।


8. बहुत ही कम लागत पर निवेश

म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने के लिए आपको लागत के रूप में एक्सपेंस रेशों देना होता है जो कि बहुत ही कम होता है। आपको 1-2% के एक्सपेंस रेशों पर प्रोफेशनल फंड मैनेजर की सेवाएं मिल जाती है। इतनी कम लागत में फण्ड मैनेजर आपके फंड को मैनेज करता है। इसलिए म्यूच्यूअल फंड ओर भी आकर्षक नजर आता है।

लॉ कॉस्ट की वजह से म्यूचुअल फंड सही है या गलत के उत्तर में म्यूचुअल फंड सही दिखाई देते हैं। 

9. समय की बचत

म्यूचुअल फंड में SIP के माध्यम से प्रत्येक महीने थोड़ा-थोड़ा करके निवेश कर सकते हैं। इसमें आपका निवेश ऑटोमेटिक हो जाता है जिसमें स्वतः ही एक निश्चित तारीख पर आपके बैंक अकाउंट से पैसा कट कर म्यूच्यूअल फंड में जमा हो जाता है। इसमें आपको कोई भी अतिरिक्त प्रयास नहीं करने होते हैं।

इसकी वजह से आपका समय भी बच जाता है। जबकि यदि आप स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं तो आपको निरंतर रूप से स्टॉक एनालिसिस और कंपनी के ऊपर नजर रखनी पड़ती है जो कि बहुत ही टाइम कंजूमिंग हो सकता है।

10. आसानी से पैसा निकाल सकते है

म्यूच्यूअल फंड सही होने का एक ओर कारण है कि इसमें आप आसानी से अपना पैसा निकाल सकते हैं। अधिकतर निवेश विकल्पों में लॉक-इन-पीरियड होता है जिसमें उस लॉक-इन-पीरियड की अवधि के दौरान तक आप अपना पैसा नहीं निकाल सकते हैं।

लेकिन म्यूचुअल फंड में आप जब चाहे अपना पैसा निकाल सकते हैं। इसमें आमतौर पर 3 से 4 दिन में पैसा आपके अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है। लिक्विडिटी की वजह से म्यूच्यूअल फंड बाकी अन्य विकल्पों से सही है।

11. कम रिस्क

शेयर मार्केट निवेश की अपेक्षा म्यूच्यूअल फंड में कम रिस्क होती है। यह रिस्क ओर भी कम होती जाती है यदि आप long-term के लिए निवेश करते हैं। इसलिए यदि आप लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आपको भविष्य में फायदा ही होगा। क्योंकि इंडियन स्टॉक मार्केट फ्यूचर में बढ़ने वाला ही हैं।

म्यूच्यूअल फण्ड में बहुत सारे शेयर और एसेट क्लास में निवेश के कारण रिस्क कम होती हैं।

क्या म्यूचुअल फंड में पैसा डूब सकता है?

यदि म्यूचुअल फंड में शॉर्ट टर्म के लिए निवेश किया जाए तो आपको नुकसान हो सकता है। लेकिन यदि आप 5 साल से अधिक निवेश अवधि के बारे में सोचते हैं तो म्यूचुअल फंड में नुकसान होने की संभावनाएं लगभग खत्म हो जाती है। क्योंकि इक्विटी मार्केट का इतिहास रहा है कि उसने लंबे समय में पॉजिटिव रिटर्न ही दिए हैं।

इसलिए म्यूच्यूअल फंड में आपका पूरा पैसा डूब जाए यह तो बिल्कुल भी संभव नहीं है। साथ ही म्यूच्यूअल फण्ड कंपनियां भी सेबी के रेगुलेशन में कार्य करती हैं जिसकी वजह से कंपनी के भागने का कोई डर भी नहीं हैं। 

म्यूचुअल फंड में पैसा कब लगाना चाहिए?

यदि आप म्यूचुअल फंड में SIP के माध्यम से निवेश करना चाहते हैं तो म्यूचुअल फंड में कभी भी पैसा लगा सकते है। SIP के माध्यम से आप जब चाहे म्यूचुअल फंड में पैसा लगा सकते हैं। यदि आप SIP के माध्यम से निवेश शुरू करते हैं तो आपकी कॉस्ट लगातार एवरेज होती रहती है।

हालांकि लम सम के मामले में आपको थोड़ा मार्केट देखकर निवेश करना चाहिए। निवेश करना एक बहुत अच्छी आदत होती है। यदि आपने थोड़ा बहुत भी कमाना शुरू कर दिया है तो आपको निवेश की शुरुवात जैसे कि ₹500 महीने से भी करनी चाहिए। इससे आपके निवेश को समय मिलेगा और पावर आफ कंपाउंडिंग का अधिक बेनिफिट होगा।

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निष्कर्ष

म्यूच्यूअल फंड सही है या गलत इसका संपूर्ण एनालिसिस देखने के बाद में हमें लगता है कि म्यूचुअल फंड सही है। लेकिन म्यूच्यूअल फंड आपके लिए गलत हो सकते हैं यदि आप शॉर्ट टर्म के लिए निवेश करना चाह रहे हैं। शॉर्ट टर्म में इक्विटी म्यूचुअल फंड बिल्कुल भी अच्छी चॉइस नहीं होते। शॉर्ट टर्म के लिए आप डेट म्यूचुअल फंड को चुन सकते हैं।

आज के समय में लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन के लिए म्यूचुअल फंड सबसे बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं। क्योंकि इसमें आपको कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं करने होते। आप निरंतर निवेश के माध्यम से एक अच्छा कॉरपस तैयार कर सकते हैं। इसलिए यदि आपने अभी तक भी निवेश की शुरुआत नहीं की है तो आपको म्यूचुअल फंड में जरूर निवेश करना चाहिए। क्योंकि आपको जितना आप लेट करेंगे उतना आपको नुकसान होगा।

तो दोस्तों, आज आपने इस आर्टिकल में जाना कि म्यूचुअल फंड सही है या गलत या क्या म्यूचुअल फंड सही है। उम्मीद हैं की आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। इसे अपने दोस्तों के साथ में जरूर शेयर करें और यदि आपके कोई सवाल या सुझाव है तो मुझे कमेंट बॉक्स के माध्यम से बता सकते हैं।

म्यूचुअल फंड सही है या गलत: FAQ

  1. क्या म्यूच्यूअल फण्ड सही हैं?

    यदि आप 5 से 10 वर्षों के लिए म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना चाहते हैं तो म्यूच्यूअल फण्ड सही हैं। म्यूच्यूअल फण्ड का निवेश सुरक्षित भी माना जाता हैं।

  2. म्यूचुअल फंड में कैसे पैसे लगाएं?

    म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के लिए आपको KYC पूरी करनी होगी। इसके लिए आप Upstox, Zerodha Coin, Groww जैसे प्लेटफॉर्म यूज़ कर सकते हैं। इनके माध्यम से आप म्यूच्यूअल फण्ड खरीद भी सकते हैं।

  3. क्या म्यूच्यूअल फण्ड गलत हैं?

    एक्सपेंस रेश्यो, नियंत्रण की कमी, फिक्स रिटर्न जैसी कमियां म्यूच्यूअल फण्ड को गलत बनाती हैं। लेकिन ये कमियां म्यूच्यूअल फण्ड के फायदों से बहुत अधिक हैं।

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